तेहरान,(ईएमएस)। ईरान और अमेरिकी जंग में ईरान ने अमेरिका की न केवल छीछालेदर की है बल्कि उसकी अकड़ को तोड़ने में कोई कसर नहीं छोड़ी। अब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जंग रोकने के लिए गिड़गिड़ा रहे है और ईरान शांति प्रस्ताव को मानना तो दूर की बात है उल्टे भीषण हमले करने लगता है। हाल ही में 48 घंटे वाले अमेरिकी प्रस्ताव के जबाव में ईरान ने दहला देने वाले हमले किए हैं। सूत्रों के मुताबिक, यह प्रस्ताव गुरुवार को एक मित्र देश के माध्यम से ईरान तक पहुँचाया गया था। वाशिंगटन की ओर से यह कूटनीतिक पहल विशेष रूप से कुवैत के बुबियान द्वीप पर स्थित अमेरिकी मिलिट्री फोर्स डिपो पर ईरानी हमले के बाद की गई है। जानकारों का मानना है कि क्षेत्र में बिगड़ते हालात और ईरान की सैन्य शक्ति के कारण अमेरिकी बलों के सामने खड़ी हो रही गंभीर चुनौतियों को देखते हुए अमेरिका युद्धविराम सुनिश्चित करना चाहता था। स्थानीय प्रशासन ने भी सुरक्षात्मक और खोजी अभियान तेज कर दिए हैं। कोगिलुयेह और बोयर-अहमद प्रांत के अधिकारियों ने स्थानीय निवासियों और ग्रामीणों से अपील की है कि वे दुश्मन पायलटों का पता लगाने में सुरक्षा बलों की सहायता करें। उल्लेखनीय है कि इस भीषण सैन्य टकराव की शुरुआत 28 फरवरी को हुई थी, जब इजरायल और अमेरिका ने संयुक्त रूप से तेहरान समेत ईरान के कई शहरों पर हवाई हमले किए थे। उन हमलों में ईरान के तत्कालीन सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई, कई वरिष्ठ सैन्य कमांडर और आम नागरिक मारे गए थे। इसी के जवाब में ईरान ने पूरे मध्य पूर्व में इजरायली और अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमले शुरू किए हैं। फिलहाल क्षेत्र में स्थिति बेहद विस्फोटक बनी हुई है। ईरान ने इस प्रस्ताव का कोई लिखित जवाब देने के बजाय युद्ध के मैदान में अपनी सैन्य कार्रवाई जारी रखकर अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। ईरानी सेना ने पुष्टि की है कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने दक्षिणी समुद्री क्षेत्र में होर्मुज जलडमरूमध्य के पास एक अमेरिकी ए-10 वॉर्थोग अटैक विमान को मार गिराया, जो फारस की खाड़ी में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इससे पहले सेंट्रल ईरानी एयरस्पेस में एक अमेरिकी एफ-35 फाइटर जेट को मार गिराने का दावा भी किया गया था। सैन्य घटनाक्रम यहीं नहीं रुका, बताया जा रहा है कि एक अमेरिकी ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर भी ईरानी हवाई क्षेत्र में एक हमले की चपेट में आ गया, जब वह पहले से गिरे हुए फाइटर जेट के पायलट की तलाश कर रहा था। वीरेंद्र/ईएमएस/04अप्रैल2026