- अमृत-2 योजना के कार्यों में लापरवाही पर सख्त हुए महापौर; अधिकारियों को दिया गुणवत्ता जांच का अल्टीमेटम इंदौर (ईएमएस)। विकास कार्यों की गुणवत्ता से समझौता और जनता के पैसे की बर्बादी नगर निगम किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं करेगा। शनिवार को महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने अपने गृह क्षेत्र वार्ड क्रमांक 82 का औचक निरीक्षण कर विकास कार्यों की जमीनी हकीकत जानी। निर्माण कार्यों में खामियां और रहवासियों की शिकायतें मिलने पर महापौर ने कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित ठेकेदारों और अधिकारियों को मौके पर ही जमकर फटकार लगाई। निरीक्षण के दौरान स्थानीय रहवासियों ने महापौर को टूटे हुए चेंबर और निर्माण में उपयोग की जा रही घटिया सामग्री की जानकारी दी। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए महापौर ने तत्काल जांच के आदेश दिए। उन्होंने स्पष्ट लहजे में चेतावनी दी कि यदि कार्य मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया, तो संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करते हुए उसे तत्काल ब्लैकलिस्ट किया जाएगा। निरीक्षण के समय क्षेत्रीय पार्षद शानू शर्मा, जल कार्य प्रभारी अभिषेक शर्मा (बबलू) और अपर आयुक्त आशीष पाठक सहित तकनीकी अमला मौजूद था। :: खुदाई के बाद सड़क सुधारने के निर्देश :: महापौर ने अमृत-2 योजना के तहत चल रहे जल और सीवरेज कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पाइपलाइन डालने के लिए की गई खुदाई के तुरंत बाद सड़कों का सुधारीकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि आम जनता को आवागमन में किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता ही उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। :: अधिकारियों को समय सीमा का अल्टीमेटम :: महापौर भार्गव ने अपर आयुक्त को निर्देश दिए कि वार्ड में लंबित पड़े सभी कार्यों को निश्चित समय सीमा के भीतर पूर्ण किया जाए। साथ ही, भविष्य में निर्माण कार्यों की निगरानी के लिए रैंडम चेकिंग करने के आदेश भी दिए। महापौर के इस त्वरित एक्शन और सख्त तेवरों की स्थानीय निवासियों ने सराहना की। उन्होंने दोहराया कि लापरवाही बरतने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। - प्रकाश/4 अप्रैल 2026