अंतर्राष्ट्रीय
05-Apr-2026


तेहरान,(ईएमएस)। अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन द्वारा दिए गए 48 घंटे के अल्टीमेटम की समयसीमा पूरी होने के बाद, ओमान और ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को लेकर बैठक की। ओमान की सरकारी मीडिया के अनुसार, यह बैठक दोनों देशों के विदेश मंत्रालयों में उप मंत्रियों के स्तर पर आयोजित की गई। बैठक में दोनों पक्षों के विशेषज्ञ भी मौजूद थे, ताकि रणनीतिक और तकनीकी मुद्दों पर गहन चर्चा की जा सके। सूत्रों का कहना है कि यह बातचीत समुद्री मार्ग की सुरक्षा और तेल परिवहन के स्थायित्व को सुनिश्चित करने के मकसद से हुई। होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है, और यहाँ किसी भी तरह की तनावपूर्ण स्थिति वैश्विक तेल बाजार पर असर डाल सकती है। ओमान और ईरान दोनों देशों के अधिकारी लगातार रणनीतिक जलसंधि पर शांति बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की उच्च स्तरीय बैठकें तनाव कम करने और पारस्परिक विश्वास बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। दोनों देशों ने बैठक के दौरान समुद्री सुरक्षा उपायों और आपसी संवाद के लिए नए मैकेनिज्म पर भी चर्चा की। हालांकि बैठक का विस्तृत विवरण सार्वजनिक नहीं हुआ है, लेकिन इस कदम को क्षेत्रीय स्थिरता और ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जा रहा है। विश्लेषकों का कहना है कि यदि ओमान और ईरान अपने मतभेदों को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझा लें, तब यह खाड़ी क्षेत्र में तनाव को काफी हद तक कम कर सकता है। हाल के महीनों में होर्मुज स्ट्रेट पर तनाव बढ़ा हुआ था, जिससे वैश्विक तेल की कीमतों में उथल-पुथल देखने को मिली। ऐसे में ओमान और ईरान की यह पहल समुद्री मार्ग को सुरक्षित रखने और तेल परिवहन को बाधित होने से बचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आशीष दुबे / 05 अप्रैल 2026