वाराणसी,(ईएमएस)। उत्तरप्रदेश के वाराणसी में कफ सिरप तस्करी से जुड़े बड़े मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई शुरू की है। मामले के मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल के करीबी सहयोगियों पर अब कानूनी शिकंजा कसता दिख रहा है। वाराणसी की अदालत ने तीन आरोपियों—प्रशांत उपाध्याय, प्रतीक गुजराती और विकास सिंह नरवे की कुल करीब 22 करोड़ 28 लाख रुपये की संपत्ति कुर्क करने का आदेश जारी किया है। साथ ही कोर्ट ने इन तीनों को 18 अप्रैल को पेश होने का निर्देश भी दिया है। एसीपी कोतवाली के अनुसार, ये तीनों आरोपी पहले से ही जेल में बंद हैं और इनके खिलाफ कोतवाली थाने में मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने कोर्ट में प्रभावी पैरवी की, जिसके बाद संपत्ति कुर्क करने की अनुमति मिली। अब इनकी संपत्तियों को अलग-अलग स्थानों पर चिन्हित कर जब्त किया जाएगा। नरवे की संपत्तियों में एक अंचल संपत्ति (लगभग 10.19 लाख रुपये), एक फॉर्च्यूनर कार (25 लाख रुपये), एक कार (4 लाख रुपये) और बैंक खाते में जमा 27,338 रुपये शामिल हैं। इनकी कुल संपत्ति का मूल्य करीब 39.46 लाख रुपये आंका गया है। वहीं प्रतीक कुमार (गुजराती) की संपत्तियों में 1.38 करोड़ रुपये की अंचल संपत्ति और बैंक खाते में 50,625 रुपये शामिल हैं। कुल मिलाकर इनकी संपत्ति करीब 1.39 करोड़ रुपये है। सबसे अधिक संपत्ति प्रशांत उपाध्याय के नाम पर मिली है। उनकी अचल संपत्ति का मूल्य लगभग 20.04 करोड़ रुपये है, जबकि बैंक खातों में 44.20 लाख फ्रीज किए गए हैं। इस प्रकार उनकी कुल संपत्ति लगभग 20.48 करोड़ बैठती है। इस कार्रवाई को कफ सिरप तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस का उद्देश्य न केवल अपराधियों को सजा दिलाना है, बल्कि अवैध कमाई से अर्जित संपत्तियों को भी जब्त करना है, ताकि इस तरह के अपराधों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। आशीष दुबे / 05 अप्रैल 2026