इधर इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉप्र्स ने किया दावा-अमेरिकी रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान ईरान को मिली बड़ी सफलता दो अमेरिकी हेलिकॉप्टर और दो ट्रांसपोर्ट विमान मार गिराए -रिपोर्ट में दावा- अमेरिका ने खुद जलाए, तकनीक चोरी होने का डर था तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन(ईएमएस)। अमेरिका के एक एफ-15 फाइटर जेट को ईरान के ऊपर मार गिराए जाने के 36 घंटे बाद उसके दोनों पायलट को अमेरिकी स्पेशल फोर्स ने बचा लिया है। शनिवार को स्पेशल कमांडो यूनिट ने दर्जनों लड़ाकू विमानों के साथ ईरान में ऑपरेशन चलाया। अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने ईरानी फोर्स को उस इलाके तक पहुंचने से रोकने के लिए हमले भी किए। इस दौरान भारी गोलीबारी हुई, लेकिन अंत में अमेरिकी टीम पायलट को सुरक्षित निकालने में सफल रही और सभी सैनिक ईरान से बाहर आ गए। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने इसे अमेरिकी इतिहास का सबसे साहसी सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन करार दिया है। वहीं ईरान ने दावा किया है कि उसने अमेरिकी रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान 2 हेलिकॉप्टर और 2 ट्रांसपोर्ट विमान मार गिराए। इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉप्र्स (आईआरजीसी) के मुताबिक यह कार्रवाई इस्फहान के दक्षिणी इलाके में की गई, जब अमेरिकी सेना अपने पायलट को रेस्क्यू करने की कोशिश कर रही थी। आईआरजीसी का कहना है कि इस ऑपरेशन के दौरान उसने 2 सी-130 ट्रांसपोर्ट विमान और 2 ब्लैक हॉक हेलिकॉप्टर को तबाह कर दिया, जिससे अमेरिकी रेस्क्यू मिशन नाकाम हो गया। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि रेस्क्यू ऑपरेशन सफल रहा और पायलट को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। ईरान से एक बचाए गए अमेरिकी एयरमैन और कमांडो को निकालने वाले दो ट्रांसपोर्ट विमान वहीं फंस गए थे। इसके बाद अमेरिका को तीन नए विमान भेजने पड़े। रिपोर्ट के मुताबिक, बाद में अमेरिकी सेना ने उन फंसे हुए ट्रांसपोर्ट विमानों को उड़ा दिया, ताकि उनकी तकनीक ईरान के हाथ न लगें। पैराशूट से उतरने के बाद घायल हुआ था अफसर अमेरिकी वेबसाइट एक्सियोस ने 3 अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया कि ईरान ने शुक्रवार को एफ-15 विमान गिरा दिया था। उसमें दो लोग थे। एक मेन पायलट और एक एयरमैन यानी वेपन सिस्टम ऑफिसर (जो हथियारों को ऑपरेट करता है)। मेन पायलट को कुछ घंटों के भीतर ही बचा लिया गया था। लेकिन एयरमैन पैराशूट से उतरने के बाद घायल हो गया। चोट लगने के बावजूद वह चलने की हालत में था। इसके बाद वह ईरान के पहाड़ी इलाके में छिप गया और वहां एक दिन से ज्यादा समय तक पकड़ से बचता रहा। उसने अपनी स्श्वक्रश्व ट्रेनिंग (जिंदा रहना, बचना, विरोध करना और निकलना) का इस्तेमाल करते हुए कोहगिलुयेह और बोयर-अहमद प्रांत के कठिन पहाड़ी इलाके में खुद को छिपाए रखा। सीआईए ने अफवाह फैलाकर ईरान को भटकाया अमेरिका और ईरान एयरमैन को ढूंढ रहे थे। ईरान की आईआरजीसी भी उसे पकडऩे के लिए वहां पहुंच गई थी। एयरमैन को ढूंढना बहुत मुश्किल था। इसके लिए सीआईए ने एक चाल चली। उन्होंने ईरान के अंदर गलत जानकारी फैलाई कि अमेरिकी सेना उसे पहले ही ढूंढ चुकी है और उसे निकालने की तैयारी कर रही है। इससे ईरान की खोज की दिशा भटक गई। इसी दौरान सीआईए ने अपनी खास तकनीक का इस्तेमाल करके एयरमैन की सही लोकेशन पता कर ली। यह लोकेशन पेंटागन, अमेरिकी सेना और व्हाइट हाउस को दी गई। इसके बाद राष्ट्रपति ट्रम्प ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन का आदेश दिया। लेबनान में इजराइली एयर स्ट्राइक में 7 की मौत दक्षिणी लेबनान के सिडोन इलाके के कफर हट्टा में इजराइली एयर स्ट्राइक में 7 लोगों की मौत हो गई। लेबनान की सरकारी नेशनल न्यूज एजेंसी के मुताबिक, मृतकों में एक 4 साल की बच्ची भी शामिल है। इजराइली हमलों से दक्षिणी लेबनान में कई इमारतें तबाह इजराइल ने दक्षिणी लेबनान में राजधानी बेरूत समेत कई इलाकों में बमबारी की हैं। इन हमलों से कई इमारतें तबाह हो गई हैं। मलबे में बदली इमारतें की कई तस्वीरें सामने आई हैं। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, 2 मार्च से जारी हमलों में अब तक 1422 लोगों की मौत हो चुकी है। इजराइल का कहना है कि वह हिजबुल्लाह के ठिकानों को निशाना बना रहा है। इजराइल का दावा- ईरान में 120 ठिकानों पर हमले किए इजराइल ने दावा किया है कि उसने पिछले 24 घंटे में ईरान के 120 से ज्यादा ठिकानों पर हमले किए हैं। इजराइली सेना के अनुसार, इन हमलों में बैलिस्टिक मिसाइल, ड्रोन और एयर डिफेंस सिस्टम से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया गया। सेना ने बताया कि पश्चिमी और मध्य ईरान में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉप्र्स के मिसाइल ठिकानों, ड्रोन स्टोरेज और लॉन्च साइट्स को भी तबाह किया गया है। विनोद उपाध्याय / 05 अप्रैल, 2026