भोपाल में संघ की मध्य भारत प्रांत समन्वय बैठक में निर्णय भोपाल (ईएमएस) । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मध्य भारत प्रांत की दो दिवसीय समन्वय बैठक 4 और 5 अप्रैल को शारदा विहार परिसर में आयोजित हुई। बैठक में संगठन विस्तार, शताब्दी वर्ष की रूपरेखा तथा विभिन्न आनुषंगिक संगठनों के बीच बेहतर तालमेल पर व्यापक चर्चा की गई। बैठक का प्रमुख उद्देश्य सत्ता, संगठन और संघ के बीच समन्वय को और अधिक सुदृढ़ करना रहा। आगामी शताब्दी वर्ष (2025-26) के कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करने पर विशेष जोर दिया गया, जिसके अंतर्गत समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंच बढ़ाने की योजना पर विचार हुआ। बैठक में पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन और नागरिक कर्तव्यों जैसे विषयों को प्राथमिकता दी गई। इन विषयों के माध्यम से संघ की कार्यपद्धति को समाज के व्यापक स्तर तक ले जाने की रणनीति पर भी चर्चा हुई। संगठनात्मक दृष्टि से मध्य भारत प्रांत में नई संरचना पर विचार किया गया, जिसमें प्रांत व्यवस्था के स्थान पर डिवीजन व्यवस्था लागू करने और 9 नए डिवीजनों के गठन का प्रस्ताव सामने आया। बैठक में भारतीय जनता पार्टी, सहित सभी संघ प्रेरित संगठनों के प्रमुख लोग विश्व हिंदू परिषद, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, सेवा भारती और बजरंग दल के पदाधिकारी उपस्थित रहे। यह बैठक संघ की वार्षिक समन्वय बैठकों की श्रृंखला का हिस्सा है, जो सामान्यत: गर्मी के दौरान आयोजित की जाती हैं। इन बैठकों का उद्देश्य संघ की नीतियों और कार्यक्रमों को जमीनी स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना और विभिन्न संगठनों के बीच समन्वय को मजबूत करना होता। आशीष पाराशर/05 अप्रैल2026