राष्ट्रीय
06-Apr-2026
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-भारत ने 38,424 अरब रुपये के हथियार बेचे जो एक उपलब्धि नई दिल्ली,(ईएमएस)। भारत ने पिछले वित्त वर्ष में चार अरब डॉलर से ज्यादा के स्वदेशी हथियारों की बिक्री की जो अभी तक सबसे उच्च स्तर पर है। भारतीय रक्षा मंत्रालय ने बताया कि ये आंकड़े 2024 की तुलना में 60 फीसदी से भी ज्यादा की बढ़ोतरी है। भारत जो यूक्रेन के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा हथियार खरीददार है उसके लिए हथियार निर्यात में जबरदस्त छलांग लगाना दुनिया की डिप्लोमेसी में पावर शिफ्ट को दिखाता है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत एक वैश्विक रक्षा विनिर्माण केंद्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा है कि भारत ने 38,424 अरब रुपये के हथियार बेचे हैं जो एक उपलब्धि है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक भारत की सरकारी रक्षा कंपनियों का निर्यात में करीब 55 फीसदी जबकि बाकी का उत्पादन निजी कंपनियों की तरफ से किया गया। ये भारत में बन रहे मजबूत डिफेंस इको-सिस्टम को दिखाता है। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक भारत 100 से ज्यादा देशों को रक्षा उपकरण निर्यात करता है जिनमें संयुक्त राज्य अमेरिका, फ्रांस, फिलीपींस और आर्मेनिया शीर्ष ग्राहकों में शामिल हैं। भारत मिसाइल सिस्टम, बोट्स, तोपखाने, रडार सिस्टम, रॉकेट लॉन्चर और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स का निर्यात करता है। आर्मेनिया-भारतीय स्वदेशी हथियारों का आर्मेनिया सबसे बड़ा खरीदार बनकर उभरा है। आर्मेनिया ने अपने रक्षा तंत्र को मजबूत करने के लिए भारत से भारी मात्रा में हथियार खरीदे हैं, जिनमें पिनाका मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर, आकाश एयर डिफेंस सिस्टम, एडवांस्ड टोड आर्टिलरी गन सिस्टम और स्वाति वेपन लोकेटिंग रडार शामिल हैं। फिलीपींस- दक्षिण चीन सागर में चीन से मिल रही चुनौती के बीच फिलीपींस ने अपनी नौसेना के लिए भारत से ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल सिस्टम खरीदा है। यह डील भारतीय रक्षा निर्यात के इतिहास में एक बड़ा गेम-चेंजर साबित हुई है। अमेरिका सबसे ज्यादा भारतीय हथियार खरीदने वाला देश है। वो भारत से बुलेटप्रूफ जैकेट, हेलमेट, हथियारों के पुर्जे, कवच-सुरक्षा उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक्स, उप-प्रणालियां और एयरो कंपोनेंट्स खरीदता है। इजरायल भारत से बड़ी संख्या में हथियार खरीदता है। इस खरीद सूची में बुलेटप्रूफ जैकेट और हेलमेट, हथियारों के पुर्जे और घटक, बैटरियां, सब-सिस्टम आदि शामिल हैं। यूनाइटेड किंगडम भी भारतीय हथियारों का बड़ा खरीददार है। वह भारत से बुलेटप्रूफ जैकेट और हेलमेट, इलेक्ट्रॉनिक्स, सब-सिस्टम, एयरो कंपोनेंट्स और इंजीनियरिंग सर्विस खरीदता है। कमिंस टेक्नोलॉजीज इंडिया, गुडरिच एयरोस्पेस सर्विसेज, लार्सन एंड टुब्रो, महिंद्रा डिफेंस सिस्टम्स, माइक्रोन इंस्ट्रूमेंट्स और टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स यूके को हथियार बेचते हैं। फ्रांस भारत का एक अहम सैन्य और कूटनीतिक सहयोगी है। फ्रांस अगर भारत को हथियार बेचता है तो खरीदता भी है। यूरोपीय संघ की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था जर्मनी भारतीय हथियार निर्माताओं के लिए भी एक महत्वपूर्ण लक्ष्य है। यह भारत से बुलेट-प्रूफ जैकेट और हेलमेट, कवच-सुरक्षा उपकरण और आग्नेयास्त्रों के पुर्जे खरीदता है। इन देशों के अलावा भारत गुयाना, यूएई, इंडोनेशिया, नीदरलैंड्स, श्रीलंका और सऊदी अरब जैसे देशों को भी रक्षा साजो-सामान का निर्यात कर रहा है। भारत अब तेजी से एक विश्वसनीय ग्लोबल सप्लायर बन रहा है। सिराज/ईएमएस 06 अप्रैल 2026