-होर्मुज को लेकर पूरी दुनिया से अपनी बात मनवाने को मजबूर कर सकता है ईरान नई दिल्ली (ईएमएस)। अमेरिकी खुफिया रिपोर्टों में चर्चा है कि ईरान आसानी से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने के लिए तैयार नहीं होगा। रिपोर्ट की माने तो ईरान के पास यही एक असली हथियार है, जिससे वह अमेरिका सहित पूरी दुनिया को अपनी बात मनवाने के लिए मजबूर कर सकता है। डोनाल्ड ट्रंप पर भी दबाव डालने का यही एक रास्ता है। जिससे वह ईरान की हर शर्त मानने को तैयार हो सकते है। ये रिपोर्टें इस बात का भी संकेत देती हैं कि यह युद्ध जिसका उद्देश्य ईरान की सैन्य शक्ति को खत्म करना था उसकी क्षेत्रीय पकड़ को और मजबूत कर सकता है। ऐसा इसलिए होगा क्योंकि इस युद्ध के जरिए तेहरान ने इस अहम जलमार्ग को खतरे में डालने की अपनी क्षमता को दुनिया को दिखाया है। इन रिपोर्टों से यह संकेत मिलता है कि तेहरान ऊर्जा की कीमतें ऊंची बनाए रखने के लिए। इस जलडमरूमध्य को बाधित करना जारी रख सकता है। इसका मकसद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर दबाव बनाना है, ताकि वे पांच हफ्तों से चल रहे इस युद्ध का जल्द से जल्द कोई समाधान निकाल सकें। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने की दिशा में कोशिश जरूर की है, लेकिन बहुत सकारात्मक असर नहीं दिख रहे। बता दे कि इसी जलमार्ग से दुनिया के कुल तेल व्यापार का पांचवां हिस्सा गुजरता है। शुक्रवार को उन्होंने इस बात का संकेत दिया था कि वे अमेरिकी सेनाओं को इस मार्ग को फिर से खोलने का आदेश दे सकते हैं। इसको लेकर उन्होंने अपने ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर पोस्ट किया। उन्होंने लिखा कि थोड़ा और समय मिलने पर, हम आसानी से होर्मुज जलडमरूमध्य को खोल सकते हैं, तेल ले सकते हैं, और बहुत सारा पैसा कमा सकते हैं। विश्लेषकों ने इस पोस्ट को लेकर कहा कि ईरान के खिलाफ सैन्य बल का प्रयोग करना महंगा पड़ सकता है और अमेरिका को एक लंबी जमीनी लड़ाई में खींच सकता है। वहीं इंटरनेशनल क्राइसिस ग्रुप के ईरान प्रोजेक्ट के निदेशक अली वाएज ने कहा कि ईरान को बड़े पैमाने पर तबाही मचाने वाले हथियार बनाने से रोकने की कोशिश में, अमेरिका ने ईरान के हाथ में बड़े पैमाने पर व्यवधान पैदा करने वाला हथियार थमा दिया। वाएज ने कहा कि तेहरान को यह बात समझ आ गई है कि जलडमरूमध्य पर अपनी पकड़ के जरिए दुनिया के ऊर्जा बाजारों को प्रभावित करने की उसकी क्षमता परमाणु हथियार से भी कहीं ज्यादा शक्तिशाली है। बता दें यह संगठन संघर्ष रोकने का काम करता है। व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने अपना नाम न बताने की शर्त पर कहा कि ट्रंप को पूरा भरोसा है कि जलडमरूमध्य बहुत जल्द खुल जाएगा और उन्होंने यह साफ कर दिया है कि युद्ध के बाद ईरान को जलमार्ग पर होने वाले यातायात को नियंत्रित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी, लेकिन अधिकारी ने यह भी बताया कि ट्रंप ने यह भी कहा है कि अमेरिका की तुलना में अन्य देशों का इस परिणाम को रोकने में कहीं ज्यादा चीजें दांव पर लगेंगी। सूत्रों की माने तो यह बात तो पक्की है कि अब जब ईरान ने इस जलडमरूमध्य पर अपनी ताकत और दबदबे का स्वाद चख लिया है, तो वह इसे इतनी आसानी से नहीं छोड़ेगा। कई विशेषज्ञों का कहना है कि इस जलमार्ग को फिर से खोलने के लिए किए जाने वाले किसी भी सैन्य अभियान में काफी जोखिम शामिल हैं। यह जलमार्ग ईरान और ओमान को अलग करता है। अपने सबसे संकरे बिंदु पर यह 21 मील चौड़ा है, लेकिन जहाजों के आवागमन का रास्ता दोनों दिशाओं में केवल 3 किमी चौड़ा है, जिससे जहाज और सैनिक आसानी से निशाना बन सकते हैं। कुछ विशेषज्ञों ने तो यह भी कहा कि युद्ध के बाद भी ईरान इस जलडमरूमध्य से होने वाले आवागमन को नियंत्रित करेगा। ताकि वह अपने देश के पुनर्निर्माण के लिए व्यावसायिक जहाजों से शुल्क ले सके। पूर्व सीआईए निदेशक ने पॉडकास्ट में कहा कि तेहरान इस जलडमरूमध्य में जहाजों के आवागमन को बाधित करके जिस दबदबे को उसने फिर से हासिल किया है, उसे बनाए रखने की कोशिश करेगा। उन्होंने आगे कहा कि ईरान, अमेरिका के साथ किसी भी शांति समझौते में युद्ध के बाद अपने देश के पुनर्निर्माण के लिए इस जलमार्ग से धन जुटाने की शर्त को शामिल कर सकता है। इससे बातचीत की प्रकिया और भी जटिल और मुश्किल बन जाएगी। सिराज/ईएमएस 06 अप्रैल 2026