क्षेत्रीय
06-Apr-2026
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बिलासपुर (ईएमएस)। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने राम अवतार जग्गी हत्याकांड में अमित जोगी को उम्र कैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही 1000 रुपए का जुर्माना भी लगाया है। हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच 78 पेज के मैं यह फैसला सुनाया है। एनसीपी नेता राम अवतार जग्गी की हत्या के मामले में हाईकोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को रद्द करते हुए अमित जोगी को उम्र कैद की सजा सुनाई है । फैसले में कहा गया है कि आरोपी अमित जोगी उर्फ अमित ऐश्वर्या जोगी को आईपीसी की धारा 302 के साथ ही धारा 120 बी के तहत दंडनीय अपराध का दोषी ठहराया जाता है और उसे आजीवन कारावास के साथ 1000 रुपए का जुर्माना लगाया जाता है। जुर्माना न भरने पर 6 महीने का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा। अपीलकर्ता सीबीआई द्वारा दायर अपील स्वीकार की जाती है। शिकायतकर्ता सतीश जग्गी द्वारा दायर पुनरीक्षण याचिका का भी निपटारा किया जाता है। क्योंकि 4 अप्रैल 2024 के निर्णय के माध्यम से अन्य संबंधित अपीलों में अन्य आरोपियों दोषियों को दी गई दोष सिद्ध और सजा की पुष्टि पहले ही कर दी है ।इसलिए शिकायतकर्ता सतीश जग्गी द्वारा दायर पुनरीक्षण याचिका निष् प्रभावी होने के कारण खारिज की जाती है। फैसले में कहा गया है कि आरोपी अमित जोगी जमानत पर हैं। उनकी जमानत आज से 3 सप्ताह की अवधि तक प्रभावी रहेगी। इस दौरान उन्हें संबंधित ट्रायल कोर्ट के समक्ष आत्मसमर्पण करना होगा। ऐसा न करने पर ट्रायल कोर्ट उन्हें हिरासत में ले लेगा और इस न्यायालय द्वारा दी गई सजा को पूरा करने के लिए उन्हें जेल भेज देगा। रजिस्ट्री को निर्देश दिया जाता है कि वह इस फैसले की एक प्रति आरोपी अमित जोगी उर्फ अमित ऐश्वर्या योगी को भेजें और उन्हें सूचित करें कि उन्हें सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष इस फैसले को चुनौती देने का अधिकार है। चाहे वह स्वतंत्र रूप से चुनौती दे या कानूनी सहायता से। जैसा कि मालूम है कि 4 जून 2023 को एनसीपी नेता राम अवतार जग्गी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पुलिस ने 31 लोगों को आरोपी बनाया था। बाद में बलटू पाठक और सुरेंद्र सिंह सरकारी गवाह बन गए थे। अमित जोगी को छोड़कर बाकी 28 लोगों को दोषी करार दिया गया था हालांकि बाद में अभी योगी को बरी कर दिया गया था । मनोज राज 06 अप्रैल 2026