लेख
06-Apr-2026
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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जब से दूसरी बार राष्ट्रपति बने हैं, उसके बाद से ही उनकी कथनी और करनी को लेकर सारी दुनिया में उनकी एक नई छवि बनी है। पिछले 1 साल में उन्हें एक अहंकारी नेता के रूप में देखा जा रहा था। पिछले एक साल में जिस तरह से उन्होंने टैरिफ को लेकर आतंक मचाया था। उस समय उनकी पहचान एक गैंगस्टर के रूप में बनी थी। अमेरिकी मुद्रा डॉलर में वैश्विक व्यापार सारी दुनिया में होता है। उसके बल पर वह जो दादागिरी कर रहे थे, उसी समय से उनका विरोध होना शुरू हो गया था। उन्होंने वैश्विक व्यापार संधि का उल्लंघन करते हुए अपने मनमाने नियम और कानूनों के बल पर वसूली करने की जो प्रक्रिया शुरू की थी, उसी समय एक गैंगस्टर की तरह उनकी पहचान बनी। जिस तरह से उन्होंने वेनेजुएला के राष्ट्रपति और उनकी पत्नी का अपहरण कर अमेरिका लाया। वेनेजुएला की सत्ता में अप्रत्यक्ष रूप से अमेरिका ने खुलेआम कब्जा किया। अंतर्राष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन किया। उसके बाद उनकी हिम्मत बढ़ी, उन्होंने ईरान मे अयातुल्लाह खामेनेई की सत्ता के खिलाफ ईरान की जनता को भड़काया, वहां पर आंदोलन कराए, खामेनेई को सत्ता से हटाने की कोशिश ट्रम्प ने की। जब यह प्रयास सफल नहीं हो पाया, उसके बाद अमेरिका और इजरायल ने बातचीत में उलझा कर ईरान के ऊपर हमला कर दिया। ईरान की सत्ता के सुप्रीमो अयातुल्लाह खामेनेई सहित दर्जनो नेताओं और रक्षा अधिकारियों की हत्या कर दी गई। ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री नेतान्याहू ने सोचा था, जनता विद्रोह करेगी और वह ईरान के पूर्व राज परिवार के निष्कासित सदस्य को ईरान की सत्ता सौंप देंगे। ट्रंप का यह प्रयास सफल नहीं हुआ। ईरान ने अमेरिका की इस कार्यवाही का भरपूर जवाब दिया। पिछले 35 दिनों में ईरान ने बता दिया है, वह युद्ध का मुकाबला और अपनी रक्षा करने में सक्षम है। पिछले 35 दिनों में जिस तरह से ईरान ने अमेरिका और इजरायल की सुरक्षा व्यवस्था को ध्वस्त करते हुए, जिस तरह का नुकसान पहुंचाया है, उसकी कल्पना अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने नहीं की थी। इतनी करारी चुनौती अमेरिका को ढाई सौ साल के इतिहास में कभी नहीं मिली, जो ईरान से मिल रही है। ईरान ने एक ही झटके में पिछले 47 सालों से अमेरिका द्वारा ईरान पर प्रतिबंध लगाकर जो दादागिरी की जा रही थी। ईरान ने एक ही बार में जवाब देकर अमेरिका के अहंकार को तोड़ते हुए, जिस तरह से भयमुक्त लड़ाई लड़ी जा रही है। उससे लगता है, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपना मानसिक संतुलन खो चुके हैं। उन्हें समझ नहीं आ रहा है, वह क्या करें। इस युद्ध में रोजाना अमेरिका को आरबों रूपयों की राशि खर्च करनी पड़ रही है। अमेरिका की संसद उनसे पूछ रही है, यह युद्ध हम ईरान से क्यों लड़ रहे हैं। युद्ध लड़ने के लिए ट्रम्प बहुत बड़ी राशि संसद से मांग रहे हैं। ट्रम्प ने युद्ध करने के पहले संसद को विश्वास में नहीं लिया। वर्तमान स्थिति में अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ विरोध बढ़ता ही जा रहा है। खाड़ी देशों की सुरक्षा अमेरिका नहीं कर पा रहा है। अमेरिका की सारे सैन्य अड्डे ईरान द्वारा बर्बाद कर दिए गए। इसी तरह से इजरायल पर ईरान के हमलों से भारी नुकसान हुआ है। इजरायल में, नेतान्याहू के खिलाफ जनता का विरोध देखने को मिल रहा है। ऐसी हालत में ट्रंप का यह कहना, ईरान बास्टर्ड है। ईरान को नर्क बना देंगे। डोनाल्ड ट्रंप ने जो पोस्ट की है, उसके शब्द इतने खराब हैं। उसको सह पाना आम आदमी के लिए संभव नहीं है। ट्रम्प ने ईरान के बारे में जिस तरह से पोस्ट में शब्दों का चयन किया है, इसकी दुनिया के देशों में बड़ी तीव्र प्रतिक्रिया हुई है। यह कहा जाने लगा है कि ट्रम्प अपना मानसिक संतुलन खो बैठे हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कारण जो रही-सही साख अमेरिका की है, वह कितने दिनों तक बनी रहेगी कहना मुश्किल है। दुनिया के अधिकांश देश मानने लगे हैं, ट्रंप की सनक और अहंकार के कारण सारी दुनिया के देशों में ऊर्जा संकट खड़ा हो गया है। खाद का संकट खड़ा हो रहा है। सारी दुनिया में आर्थिक मंदी की स्थिति देखने को मिलने लगी है। इसके बाद भी डोनाल्ड ट्रंप जिस तरह की हरकत कर रहे हैं, उससे डोनाल्ड ट्रंप के साथ-साथ अमेरिका की साख को भी भारी नुकसान होता हुआ दिख रहा है। डोनाल्ड ट्रंप की यही नीति कुछ और दिन चलेगी, तो अमेरिका अपना वर्चस्व सारी दुनिया में खो देगा। ऐसा लगने लगा है जो हाल सोवियत रूस का पूर्व राष्ट्रपति गोर्बाच्योव के समय हुआ था। अब वही स्थिति अमेरिका की होती हुई दिख रही है। अमेरिका के राज्यों और आमजनता में जो नाराजगी देखने को मिल रही है। उससे लगता है ट्रम्प ज्यादा दिन तक राष्ट्रपति के पद पर नहीं रह पायेंगे। ईएमएस / 06 अप्रैल 26