क्षेत्रीय
06-Apr-2026
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‎गुना (ईएमएस)। लंबी छुट्टियों के बाद सोमवार को खुली कृषि उपज मंडी में बंपर आवक और गेहूं के भाव में आई गिरावट ने हालात बिगाड़ दिए। मंडी परिसर शनिवार शाम तक ही पूरी तरह भर चुका था, जिसके बाद हजारों की संख्या में ट्रैक्टर-ट्रॉलियां सड़कों पर खड़ी हो गईं। दोपहर होते-होते स्थिति जाम में बदल गई। इसी बीच कम दाम मिलने से नाराज किसानों का आक्रोश फूट पड़ा और उन्होंने एबी रोड पर चक्काजाम कर दिया। पुलिस और प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर सख्ती और समझाइश के जरिए जाम खुलवाया। बाद में एसडीएम शिवानी पांडे की मौजूदगी में किसानों और व्यापारियों के बीच बैठक हुई, जिसमें क्वालिटी के आधार पर दाम तय होने पर सहमति बनी। मंडी में शनिवार को जहां गेहूं के दाम 2600 से 3200 रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंचे थे, वहीं सोमवार को यह गिरकर 2200 से 2600 रुपए रह गए। इससे किसानों में भारी नाराजगी देखी गई। करोंद निवासी महादीप रघुवंशी ने बताया कि व्यापारी 2000 रुपए से बोली शुरू करते हैं, जिससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ता है। किसानों की मांग है कि गेहूं का न्यूनतम भाव 2500 रुपए से ऊपर होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि जाम के दौरान पुलिस ने कुछ किसानों को जबरन उठा लिया और मारपीट भी की। पटना निवासी बलवीर यादव ने बताया कि वह दो दिन से ट्रॉली लेकर मंडी में खड़े हैं, लेकिन अभी तक उनकी फसल की डाक नहीं हो पाई है। घर में शादी होने के कारण उन्हें पैसों की जरूरत है, लेकिन भाव कम मिलने से परेशानी बढ़ गई है। वहीं पीलीघाटा निवासी महेंद्र सिंह ने भी बताया कि मंडी में दो दिन से रुके हैं, लेकिन न तो समय पर डाक हो रही है और न ही पानी-खाने की समुचित व्यवस्था है। रातभर मच्छरों के बीच समय गुजारना पड़ा। स्थिति बिगड़ने पर प्रशासन हरकत में आया। एसडीएम शिवानी पांडे ने बताया कि बंपर आवक के कारण भाव में अंतर आया है, लेकिन अच्छी गुणवत्ता के गेहूं को अब भी अच्छे दाम मिल रहे हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि धनिया के भाव भी बाजार के अनुसार बढ़े हैं। किसानों और व्यापारियों के बीच बैठक कर स्पष्ट किया गया कि दाम पूरी तरह क्वालिटी पर आधारित हैं। इसके बाद किसानों को समझाइश दी गई, जिससे स्थिति सामान्य हुई और मंडी में डाक प्रक्रिया फिर से सुचारू हो गई। मंडी सचिव आरपी सिंह ने बताया कि मंडी परिसर की क्षमता सीमित है, जबकि छुट्टियों के बाद अचानक आवक बढ़ने से दबाव ज्यादा हो गया। कलेक्टर के निर्देश पर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को दशहरा मैदान और बीज निगम की जमीन पर पार्क कराया गया है। वहां टेंट, लाइट, पानी और चलित प्याऊ की व्यवस्था की गई है, साथ ही शौचालय के लिए भी नगरपालिका को निर्देश दिए गए हैं। यातायात पुलिस और प्रशासन की टीम ने सड़क पर लगे जाम को हटवाकर ट्रॉलियों को निर्धारित स्थानों पर खड़ा कराया। फिलहाल मंडी में स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन बंपर आवक और भाव में उतार-चढ़ाव के चलते किसानों की चिंता बनी हुई है। - सीताराम नाटानी