:: 11 विभागों के 38 विशेषज्ञ चिकित्सक देंगे सेवाएं, मरीजों के लिए 24 घंटे उपलब्ध रहेंगी जांच सुविधाएं :: इंदौर (ईएमएस)। इंदौर के सुपर स्पेशलिटी चिकित्सालय में हाल ही में शुरू हुई सशुल्क (पेड) ओपीडी व्यवस्था को लेकर समाचार पत्रों में प्रकाशित भ्रामक खबरों पर अस्पताल प्रबंधन ने स्थिति स्पष्ट की है। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. डी. के. शर्मा ने वस्तुस्थिति सामने रखते हुए कहा कि यह व्यवस्था पूरी तरह से मध्य प्रदेश सुपर स्पेशलिटी आदर्श सेवा नियम 2018 के प्रावधानों के अनुरूप है और 1 अप्रैल से सुचारू रूप से संचालित की जा रही है। डॉ. शर्मा ने स्पष्ट किया कि शासन के नियमों का पालन करना सभी चिकित्सकों के लिए अनिवार्य है, इसमें किसी की व्यक्तिगत सहमति या असहमति का कोई प्रश्न नहीं उठता। उन्होंने बताया कि अस्पताल के कुल 13 में से 11 विभागों के 38 चिकित्सकों ने ओपीडी सेवाएं देने के लिए अपनी सहमति प्रदान की है। उन्होंने उन खबरों का खंडन किया जिनमें व्यवस्था पर प्रश्नचिन्ह लगाए गए थे। डॉ. शर्मा के अनुसार, शुरुआती तीन दिनों में आए अवकाश के आधार पर किसी महत्वाकांक्षी योजना की सफलता का आकलन करना उचित नहीं है। :: मरीजों के लिए विश्वस्तरीय सुविधाएं :: अधीक्षक ने जानकारी दी कि मरीजों की सुविधा के लिए अस्पताल में रोस्टर प्रणाली लागू की गई है और विशिष्ट कक्ष चिन्हित किए गए हैं। अस्पताल में लिफ्ट की निर्बाध सुविधा और सुगम पहुंच मार्ग सुनिश्चित किए गए हैं। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि नर्सिंग सेवाएं, पैथोलॉजी जांच और अन्य आवश्यक चिकित्सकीय सुविधाएं 24 घंटे उपलब्ध हैं, इसलिए मरीजों को किसी वैकल्पिक निजी व्यवस्था की आवश्यकता नहीं है। :: पेड ओपीडी के पीछे का तर्क :: चिकित्सा अधीक्षक के अनुसार, महात्मा गांधी स्मृति (एमजीएम) मेडिकल कॉलेज से संबद्ध अस्पतालों में पहले से ही आयुष्मान (निःशुल्क) और सशुल्क उपचार की दोहरी व्यवस्था लागू है। पेड ओपीडी इसी का एक उन्नत स्वरूप है, जहाँ मरीज अपनी स्वेच्छा और सुविधा के अनुसार विशेषज्ञ परामर्श का चयन कर सकते हैं। :: भ्रामक खबरों से बचने की अपील :: डॉ. शर्मा ने कहा कि भ्रामक खबरें जरूरतमंद मरीजों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने से रोक सकती हैं। एमजीएम मेडिकल कॉलेज प्रशासन उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और शासन की योजनाओं को आमजन तक पहुँचाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। प्रकाश/06 अप्रैल 2026