07-Apr-2026


नई दिल्ली (ईएमएस)। दिल्ली विधानसभा की सुरक्षा में सोमवार को उस वक्त बड़ी चूक हो गई, जब एक नकाबपोश व्यक्ति अपनी एसयूवी लेकर विधानसभा परिसर की सीमा पर बने गेट को तोड़कर जबरन अंदर घुस गया। दिल्ली विधानसभा की सुरक्षा में 6 अप्रैल सोमवार को बड़ी सेंध लगने के बाद मामले को लेकर जांच चल रही है। पुलिस ने उत्तरी दिल्ली के रूप नगर से ड्राइवर सहित 3 लोगों को हिरासत में लिया और टाटा सिएरा कार को जब्त कर लिया। इस बीच आरोपी के बड़े भाई के पार्टनर का भी कहना है कि आरोपी मानसिक रूप से बीमार है और पिछले 7 -8 साल से इलाज चल रहा है। वह कई बार अपना मानसिक संतुलन खो बैठता है। सरबजीत (आरोपी) का बड़ा भाई मेरे काम में मेरा पार्टनर है। उसका भतीजा, जो 1 दिसंबर से दिल्ली में पीजी की पढ़ाई कर रहा था, वहां से लापता हो गया है, और उसका कोई पता नहीं चल रहा है।” उन्होंने बताया कि वह मानसिक रूप से परेशान चल रहा था। इससे पहले, फैजीनपुर में उसका इलाज चल रहा था। मानसिक परेशानी की वजह से ही उसने अपना मानसिक संतुलन खो दिया था। इसीलिए वह मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से मिलने वहां गया हुआ था। उसे यह बीमारी कम से कम 7 या 8 साल से है। वह इस वजह से कभी-कभी मानसिक रूप से परेशान हो जाता रहा है। इससे पहले दिल्ली विधानसभा की सुरक्षा में सोमवार को उस वक्त बड़ी चूक हो गई, जब एक नकाबपोश व्यक्ति अपनी एसयूवी लेकर विधानसभा परिसर की सीमा पर बने गेट को तोड़कर जबरन अंदर घुस गया और फिर विधानसभा स्पीकर की कार पर एक बुके रखकर उसी रास्ते से निकल भी गया। फिर पूरे इलाके में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया। यह घटना दोपहर 2:10 के बाद घटी। जिस वक्त यह घटना हुई उस वक्त स्पीकर विजेंद्र गुप्ता विधानसभा स्थित अपने ऑफिस में ही थे। विधानसभा की सुरक्षा में दिल्ली पुलिस और सीआरपीएफ के 100 से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं। घटना को लेकर एक अधिकारी का कहना है कि यह पूरी घटना मात्र 5 से 7 मिनट में घटित हो गई। रक्षा में चूक के बाद पुलिस की कई टीमों और बम निरोधक दस्ते ने विधानसभा परिसर की पूरी तरह से तलाशी ली जिससे किसी भी तरह के खतरे की संभावना को खत्म किया जा सके। हालांकि परिसर में कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला। फोरेंसिक एक्सपर्ट्स ने गुलदस्ते की भी जांच की। पुलिस से जुड़े सूत्रों का कहना है कि आरोपी की पहचान उत्तर प्रदेश के पीलीभीत के रहने वाले 37 साल सरवजीत सिंह के रूप में हुई है और यह भी बताया जा रहा है कि आरोपी ‘किसान आंदोलन’ का समर्थक है। अजीत झा/देवेन्द्र/नई दिल्ली/ईएमएस/07/ अप्रैल /2026