क्षेत्रीय
07-Apr-2026
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- एआई तकनीक से हुआ फर्जी सिम एक्टिवेशन के नेटवर्क का भांडाफोड़ - अलग-अलग नाम-पते पर जारी की सिमें, साइबर क्राइम ब्रांच ने कसा शिंकजा, भोपाल(ईएमएस)। साइबर क्राइम ब्रांच ने बड़े फर्जी सिम एक्टिवेशन रैकेट का खुलासा करते हुए दो ऐसे शातिर पीओएस एजेंटों को गिरफ्तार किया है, जिन्होनें एक ही व्यक्ति के चेहरे का उपयोग कर करीब 246 फर्जी सिम एक्टिवेट कराते हुए उन्हें जारी कर दिया। इन सिम कार्ड्स को अलग-अलग नाम और पतों पर एक्टिवेट किया गया, जिससे इनके साइबर अपराधों में इस्तेमाल की आशंका जताई जा रही है। मामले का खुलासा “ऑपरेशन फेस” के तहत की गई कार्रवाई में हुआ, जो फर्जी सिम नेटवर्क पर शिकंजा कसने के लिए चलाया जा रहा है। - सिम लेने आये कस्टमर के आईडी प्रूफ की फोटोकॉपी पर होता था फर्जीवाड़ा पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ग्राहकों के आईडी प्रूफ की फोटोकॉपी अपने पास रख लेते थे और उन्हीं दस्तावेजों का इस्तेमाल कर अलग-अलग नामों से सिम जारी करते थे। इस तरह एक ही व्यक्ति की फोटो लगाकर करीब 250 सिम एक्टिवेट की गईं। आरोपियों ने यह काम कमीशन और कंपनी से मिलने वाले इंसेंटिव के लालच में किया। साइबर क्राइम के मुताबिक, 2023 में दूरसंचार विभाग द्वारा एआई आधारित फेसियल रिकग्निशन टूल के जरिए ऐसे संदिग्ध कनेक्शनों की पहचान की गई थी, जिनमें एक ही चेहरे पर 50 से अधिक सिम सक्रिय पाए गए। इसी इनपुट के आधार पर कार्रवाई करते हुए भोपाल में यह गिरफ्तारी की गई। - एआई से हुआ भांडाफोड़ फर्जी सिम एक्टिवेशन के नेटवर्क का राज एआई तकनीक से खुला। इस कार्रवाई की शुरुआत दूरसंचार विभाग (डॉट) द्वारा साल 2023 में एआई आधारित फेसियल रिकग्निशन टूल के जरिए संदिग्ध मोबाइल सिम धारकों का डाटा उपलब्ध कराए जाने से हुई। इस डाटा में ऐसे कई मामले सामने आए, जिनमें एक ही व्यक्ति के चेहरे का उपयोग कर अलग-अलग नाम और पतों पर बड़ी संख्या में सिम कार्ड एक्टिव पाए गए। इसी इनपुट के आधार पर भोपाल में सक्रिय फर्जी सिम रैकेट का खुलासा हुआ। साइबर क्राइम ब्रांच ने तकनीकी विश्लेषण के जरिए जांच आगे बढ़ाई और एक ही चेहरे पर सैकड़ों सिम जारी करने के इस संगठित खेल का पर्दाफाश किया। - यह है पकड़े गए पीएसओ एजेंट पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर बरखेडी, जहांगीराबाद में रहने वाले पीओएस एजेंट देवेन्द्र यादव पिता मूलचंद यादव (34) को गिरफ्तार किया जो 10वीं पास है, इसके साथ ही इतवारा क्षेत्र में रहने वाले सैफ कुरैशी पिता हैदर कुरैशी को भी दबोचा यह पीओएस एजेंट भी 12वीं तक पढ़ा है। गिरफ्तार आरोपियो के कब्जे से दो मोबाइल फोन, दो सिम कार्ड जब्त किए गए हैं। दोनों आरोपी पीओएस एजेंट सिम बेचने के बदले मिलने वाले इंटेसिटव के लालच में आकर अवैध गतिविधि करने लगे थे। - ऐसे करते थे फर्जी सिम एक्टिवेशन का खेल पूछताछ में आरोपियों ने अपने एक अन्य साथी के साथ मिलकर इस फर्जीवाड़े को करने का खुलासा किया है। आरोपीयो ने बताया की जब वीआई और आइडिया कंपनी मर्ज हुयी तब कंपनी ने ज्यादा से ज्यादा सिम बेचने पर आकर्षक ईनाम देना शुरु किये थे। इनाम की लालच में आकर दोनो ने अपने साथी फैजान के साथ मिलकर लगभग 250 सिमे एक्टिवेट की थी। इन सभी फार्म पर फैजान की फोटो लगाई और पता व आईडी आधार, ड्राइविंग लायसैंस की फोटो कॉपी जो पहले से दूसरे ग्राहको के आरोपियो के पासपीगणो रहते थे, उन्ही के दस्तावेज लगाकर फर्जी नाम व पते कैफ फार्म में लिखकर फर्जी सिम एक्टिवेट कर बेच देते थे। पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इन फर्जी सिम कार्ड्स का उपयोग किन-किन साइबर अपराधों में किया गया। जुनेद / 7 अप्रैल