- क्या फेडरल रिजर्व से उठ गया भरोसा या बदलती वैश्विक वित्तीय व्यवस्था का है संकेत पेरिस,(ईएमएस)। फ्रांस ने अमेरिका में रखे अपने पूरे स्वर्ण भंडार को पेरिस वापस स्थानांतरित कर लिया है। इस प्रक्रिया में सोने को जहाजों या विमानों से महासागर पार नहीं भेजा गया, बल्कि फ्रांस के केंद्रीय बैंक ऑफ फ्रांस, ने एक बेहद चतुर वित्तीय रणनीति का इस्तेमाल किया, जिससे उसने न केवल अपना पूरा खजाना सुरक्षित कर लिया, बल्कि भारी मुनाफा भी कमा लिया। इस घटना ने दुनिया में बहस छेड़ दी है कि क्या देशों का अमेरिकी फेडरल रिजर्व पर से भरोसा उठ गया है या यह बदलती वैश्विक वित्तीय व्यवस्था का संकेत है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक बैंक ऑफ फ्रांस ने सोने के भौतिक परिवहन और उसे रिफाइन करने से जुड़े भारी जोखिम और लागत से बचने के लिए एक अनूठा तरीका अपनाया। जुलाई 2025 से जनवरी 2026 के बीच, बैंक ने न्यूयॉर्क में रखे अपने 129 टन पुराने और गैर-मानक सोने के बिस्कुटों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेच दिया। यह वह समय था जब सोने की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर थीं, जिससे बैंक को अधिकतम लाभ हासिल हुआ। इस बिक्री से मिली भारी-भरकम राशि का इस्तेमाल बैंक ने यूरोपीय बाजार से उच्च गुणवत्ता वाला नया सोना खरीदने में किया और उसे सीधे पेरिस की सुरक्षित तिजोरियों में जमा कर दिया। इस पूरी प्रक्रिया में कुल 26 अलग-अलग लेनदेन शामिल थे, जिसके परिणामस्वरूप बैंक ऑफ फ्रांस को 12.8 बिलियन का मुनाफा मिला। इस रणनीतिक फैसले ने बैंक की वित्तीय स्थिति को नाटकीय रूप से बदल दिया। जहां 2024 में बैंक को 7.7 बिलियन का घाटा हुआ था, वहीं इस कदम के बाद 2025 में उसने 8.1 बिलियन का शुद्ध मुनाफा कमाया। अब फ्रांस का पूरा आधिकारिक स्वर्ण भंडार, जो करीब 2,437 टन है, पेरिस में मौजूद है। इसके अतिरिक्त, फ्रांस ने 2028 तक पेरिस में मौजूद अपने 134 टन पुराने सोने के सिक्कों और बिस्कुटों को भी आधुनिक मानकों के अनुरूप उन्नत करने की योजना बनाई है। एसोसिएशन ऑफ जर्मन टैक्सपेयर्स के प्रमुख माइकल जेगर ने अपनी गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि डोनाल्ड ट्रंप जैसे नेताओं के फैसले अप्रत्याशित होते हैं और वे राजस्व बढ़ाने के लिए कोई भी कदम उठा सकते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि जर्मनी का सोना अब फेडरल रिजर्व की तिजोरियों में सुरक्षित नहीं है, जो अमेरिका के वित्तीय संस्थानों पर वैश्विक भरोसे में आ रही कमी को दर्शाता है। फ्रांस का यह कदम, भले ही उसकी ओर से एक विशुद्ध वित्तीय रणनीति बताया जा रहा हो, लेकिन इसने दुनिया के अन्य केंद्रीय बैंकों को भी अपने स्वर्ण भंडार की सुरक्षा और स्थान पर फिर से विचार करने के लिए मजबूर कर दिया है, जो बदलते वैश्विक आर्थिक और राजनीतिक परिदृश्य की एक बड़ी निशानी है। बॉक्स दुनिया में सबसे ज्यादा सोने वाले टॉप 10 देश रैंक देश आधिकारिक घरेलू/निजी कुल भंडार भंडार (टन) भंडार (टन) (टन) 1 भारत 880 34,600 35,500 2 चीन 2,306 20,000-25,000 22,300-27,300 3 अमेरिका 8,133 कई हजार टन 11,000-15,000+ 4 तुर्की 600-770 हजारों टन 5,000-10,000+ 5 जर्मनी 3,351 निजी भंडार 6,000+ 6 इटली 2,452 घरेलू भंडार 4,000+ 7 फ्रांस 2,437 निजी होल्डिंग्स 4,000+ 8 रूस 2,327 कम निजी भंडार 3,000+ 9 स्विट्जरलैंड 1,040 निजी भंडार 2,000+ 10 जापान 846 मध्यम निजी भंडार 1,500-2,000+ सिराज/ईएमएस 08 अप्रैल 2026