हनोई,(ईएमएस)। वियतनाम की राजनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव के तहत तो लाम को सर्वसम्मति से देश का नया राष्ट्रपति चुना गया है। इसके साथ ही अब उनके पास कम्युनिस्ट पार्टी और सरकार, दोनों की कमान आ गई है, जिससे सत्ता का केंद्रीकरण स्पष्ट रूप से मजबूत हुआ है। तो लाम पहले से ही वियतनाम की कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव हैं। जनवरी में उन्हें इस पद पर दोबारा चुना गया था, जिसके बाद से ही यह कयास लगाए जा रहे थे कि वे राष्ट्रपति पद भी संभालेंगे। अब उनके राष्ट्रपति बनने के साथ यह अटकलें सही साबित हो गई हैं। वियतनाम की पारंपरिक व्यवस्था में सत्ता अलग-अलग नेताओं के बीच बंटी रहती थी, जिससे संतुलन बना रहता था। लेकिन अब एक ही नेता के पास पार्टी और सरकार दोनों की जिम्मेदारी आ जाने से राजनीतिक शक्ति का केंद्रीकरण बढ़ गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह व्यवस्था जी जिनपिंग के नेतृत्व वाले चीन और पड़ोसी देश लाओस की तर्ज पर दिखाई दे रही है, जहां शीर्ष नेता के पास व्यापक अधिकार होते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, इस बदलाव से तो लाम को अपने नीतिगत फैसले लागू करने में अधिक स्वतंत्रता मिलेगी। माना जा रहा है कि 1980 के दशक के बाद यह पहला अवसर है जब किसी नेता के पास इतना मजबूत राजनीतिक नियंत्रण और जनादेश है। हालांकि, सत्ता के इस केंद्रीकरण को लेकर कुछ विशेषज्ञ चिंताएं भी जता रहे हैं। उनका कहना है कि इससे निर्णय लेने की प्रक्रिया तेज तो हो सकती है, लेकिन संस्थागत संतुलन कमजोर पड़ने का खतरा भी बना रहता है। हिदायत/ईएमएस 08अप्रैल26