राष्ट्रीय
08-Apr-2026


तेहरान (ईएमएस)। ईरान-अमेरिका के बीच दो सप्ताह के संघर्ष विराम पर सहमति बनी है, लेकिन दोनों देश इस अपनी-अपनी जीत बात रहे हैं। इस बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। ट्रंप के 15-सूत्रीय और ईरान के 10-सूत्रीय प्रस्तावों के बीच फंसी यह कूटनीति अब संदेह के दायर में आ गई है। सबसे बड़ा विवाद ईरान के 10-सूत्रीय प्रस्ताव की भाषा को लेकर है। ईरान के प्रस्ताव के दो अलग-अलग संस्करण सामने आए हैं। फारसी में लिखे संदेश में स्पष्ट रूप से मांग की गई है कि अमेरिका ईरान के यूरेनियम संवर्धन के अधिकार को स्वीकार करे। वहीं, इसके अंग्रेजी अनुवाद में जारी कॉपी में यह हिस्सा गायब है। यह एक तरह से रणनीतिक अस्पष्टता है। ईरान अपने घरेलू समर्थकों को यह दिखाना चाहता है कि उसने परमाणु अधिकार हासिल किया है, जबकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वह इस मामले में लचीला बनाए रखना चाहता है। ट्रंप का 15-सूत्रीय प्लान ईरान 10 बिंदुओं पर अड़ा है, वहीं राष्ट्रपति ट्रंप ने अपना 15-सूत्रीय मसौदा पेश किया है। उसमें नातांज, फोर्डो और इस्फहान जैसे मुख्य परमाणु ठिकानों को निष्क्रिय करना भी शामिल है। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) द्वारा बेहद सख्त और निरंतर निगरानी की बात भी कही गई है। समृद्ध यूरेनियम के स्टॉक को देश से बाहर या आईएईए के नियंत्रण में भेजने के साथ-साथ बैलिस्टिक मिसाइलों की क्षमता और विकास को सीमित करने की भी चर्चा है। हिजबुल्लाह और हूतियों जैसे समूहों को हथियार और वित्तीय मदद देना बंद करने के लिए भी कहा गया है। यदि ईरान शर्तें मानता है, तब प्रतिबंधों को हटाया जाएगा और नागरिक परमाणु ऊर्जा (बिजली उत्पादन) में मदद दी जाएगी। इस विवाद पर जब ट्रंप से सवाल किया गया, तब उन्होंने अपनी चिर-परिचित शैली में जवाब दिया। ट्रंप ने कहा, यह एक पूर्ण और संपूर्ण विजय है। 100 प्रतिशत। इसमें कोई संदेह नहीं है। ईरान की अन्य प्रमुख मांगें ईरान केवल परमाणु मुद्दे तक सीमित नहीं है। उसके 10-सूत्रीय प्लान में कुछ ऐसी मांगें भी हैं जो पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक समीकरण बदल सकती हैं। ईरान चाहता है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले हर जहाज से 20 लाख डॉलर का शुल्क मिले, इस ओमान के साथ साझा किया जाएगा और युद्ध के बाद पुनर्निर्माण में लगाया जाएगा। क्षेत्र से अमेरिकी सेना की पूर्ण वापसी और अमेरिका द्वारा रोकी गई ईरानी संपत्तियों और फंड को तत्काल जारी करना। आशीष दुबे / 08 अप्रैल 2026