राष्ट्रीय
08-Apr-2026


नई दिल्ली (ईएमएस)। सीजफायर के बाद भी इंडियन नेवी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में पूरे हालात पर नजर बनाए हुए है और उसकी तैनाती में कोई बदलाव नहीं किया गया है। सूत्रों के अनुसार, सीजफायर के बाद पहली खेप में 5 से 6 जहाज जल्द ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार कर सकते हैं। जहाजों के क्रू और ईरान के स्टेकहोल्डर्स के साथ बातचीत जारी है। खास बात यह है कि अभी नेवी के एसओपी (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिजर) में कोई बदलाव नहीं हुआ है। जिस तरह भारतीय नौसेना टैंकरों को एस्कॉर्ट कर रही थी और उन्हें होर्मुज पार करने के लिए गाइड कर रही थी, वह प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी। जंग की शुरुआत में होर्मुज के पश्चिम में 25 भारतीय फ्लैग्ड शिप मौजूद थे। इनमें से अब तक 9 जहाज एक-एक कर होर्मुज पार कर चुके हैं। भारतीय नौसेना लगातार इस पूरे इलाके में मरीन ट्रैफिक और जहाजों पर हमलों की निगरानी गुरुग्राम स्थित आईएफसी-आईओआर (इंफॉर्मेशन फ्यूजन सेंटर – इंडियन ओशन रीजन) के माध्यम से कर रही है। आईएफसी-आईओआर एक मैरिटाइम सिक्योरिटी सेंटर है, जिसे भारतीय नौसेना संचालित करती है। इस सेंटर से 28 देशों के कुल 76 लिंक जुड़े हुए हैं, जो संबंधित क्षेत्रों की रीयल-टाइम मैरिटाइम सिचुएशन और जानकारी उपलब्ध कराते हैं। इस सेंटर के माध्यम से 24×7 जानकारी साझा की जाती है। इसमें समुद्री डकैती, ड्रोन हमले, अवैध गतिविधियों की निगरानी, जानकारी जुटाना, विश्लेषण करना और संबंधित देशों के साथ सूचना साझा करना शामिल है। वर्तमान में 14 अंतरराष्ट्रीय लियाजॉन अधिकारी इस सेंटर में तैनात हैं। सुबोध/०८-०४-२०२६