नवी मुंबई, (ईएमएस)। महाराष्ट्र राज्य माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक शिक्षा मंडल (MSBSHSE) के वाशी स्थित विभागीय कार्यालय में कार्यरत एक वरिष्ठ अधिकारी को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने की। गिरफ्तार अधिकारी का नाम राजेंद्र माणिक आहिरे है, जो उपसंचालक तथा मुंबई विभागीय मंडल के अध्यक्ष पद पर कार्यरत थे। जानकारी के अनुसार एसीबी की नवी मुंबई यूनिट ने मंगलवार दोपहर करीब 1 बजे जाल बिछाकर उन्हें उनके ही कार्यालय के केबिन में रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया। इस संबंध में पुलिस उपाधीक्षक धर्मराज सोनके ने जानकारी दी। इस मामले में स्टोर्स विभाग के प्रभारी मनोहर लक्ष्मण पवार के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है, हालांकि उनकी गिरफ्तारी अभी तक नहीं हुई है। आरोप है कि पवार ने आहिरे के कहने पर एक ठेकेदार से बिल पास कराने के लिए रिश्वत की मांग की थी। एसीबी के अनुसार, शिकायतकर्ता एक इलेक्ट्रिकल ठेकेदार है, जिसे वाशी सेक्टर 16 ए स्थित शिक्षा मंडल के कार्यालय में इलेक्ट्रिकल उपकरणों की मरम्मत और रखरखाव का एक साल का ठेका मिला था। अनुबंध के तहत उसे हर महीने जीएसटी सहित 31,152 रुपये मिलना तय था। ठेकेदार ने नवंबर 2025 से फरवरी 2026 तक के 3,16,800 रुपये के बिल मंजूरी के लिए जमा किए थे। आरोप है कि इन बिलों को पास करने के लिए आहिरे ने पवार के माध्यम से 22,176 रुपये की रिश्वत मांगी। इस पर ठेकेदार ने 25 मार्च 2026 को एसीबी में शिकायत दर्ज कराई। जांच के दौरान रिश्वत की राशि को घटाकर 20,000 रुपये पर सहमति बनी। 6 अप्रैल को हुई सत्यापन प्रक्रिया में यह पुष्टि हुई कि दोनों आरोपियों ने मिलकर रिश्वत लेने की योजना बनाई थी। इसके बाद 7 अप्रैल को एसीबी ने जाल बिछाया और आहिरे को रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया। इस मामले में दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है और आगे की जांच जारी है। स्वेता/संतोष झा-०८ अप्रैल/२०२६/ईएमएस