क्षेत्रीय
08-Apr-2026
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- छोटे बच्चों के सर्वांगीण विकास में आंगनवाड़ी केंद्र महत्वपूर्ण - केन्द्रों पर पानी, बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करे - अजीम प्रेमजी फाउंडेशन आंगनवाड़ी में लक्ष्य बनाकर कार्य करें - महिला बाल विकास विभाग की कलेक्टर ने बिंदुवार की समीक्षा सागर (ईएमएस)। छोटे बच्चों के सर्वांगीण विकास में आंगनवाड़ी केंद्र की महत्वपूर्ण भूमिका होती है एवं सभी 2633 आंगनबाड़ी केन्द्रों पर पानी, बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करे साथ ही अजीमजी प्रेमजी फाउंडेशन आंगनवाड़ी में लक्ष्य बनाकर कार्य करें, महिला बाल विकास अधिकारी एक एक आंगनवाड़ी केन्द्र को गोद लेकर सर्व सुविधा उपलब्ध कराएं। उक्त निर्देश कलेक्टर श्री संदीप जी आर ने महिला बालविकास विभाग की बिंदुवार की समीक्षा करते हुए दिए। इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विवेक के वी, डीपीओ श्री भरत सिंह राजपूत सहित सभी सीडीपीओ सुपरवाइजर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, बिजली विभाग, पीएचई, जल निगम, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी मौजूद थे।कलेक्टर संदीप जी आर ने समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि आंगनवाड़ी केन्द्र संचालन समय 9 बजे के पूर्व सुबह 8ः30 तक सभी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका केन्द्र पर उपस्थित रहें एवं केन्द्र की व्यवस्थाए सुनिश्चित कराएं। इसी प्रकार विभाग के सुपरवाईजर एवं सीडीपीओ को आंगनवाड़ी केन्द्रवार रोस्टर तैयार करें जिसमें अलग-अलग दिन में अलग-अलग केन्द्र पर जाकर केन्द्र की मॉनीटरिंग करें। उन्होंने निर्देश दिए कि केन्द्र पर वितरित होने वाले भोजन एवं नाश्ता का समय में पर्याप्त अंतर रखा जावे एवं पोषण युक्त खाद्य सामग्री वितरित की जावे। उन्होंने कहा कि किराये के भवन में संचालित आंगनवाड़ी केन्द्रों में पानी, बिजली, शौंचालय विशेष रूप से रहे न, रहने की स्थिति में तत्काल बदला जावे। उन्होंने कहा कि निर्माणाधीन आंगनवाड़ी केन्द्रों को निर्माण के समय स्वयं उपस्थित रहकर गुणवत्ता पूर्ण निर्माण कार्य कराएं। उन्होंने पीएचई एवं जल निगम के अधिकारियों को निर्देशित किया कि एक सप्ताह के अंदर जिले की सभी 2633 अंगनवाड़ी केन्द्रेां में पेयजल कनेक्शन उपलब्ध कराएं। इसी प्रकार विद्युत मंडल के अधिकारी सभी विद्यालयों में बिजली कनेक्शन सुनिश्चित कराएं।कलेक्टर संदीप जी आर ने निर्देश दिए कि सभी विकासखंडों के आंगनवाड़ी केन्द्रों पर समूह बनाकर आधार कार्ड एवं जाति प्रमाणपत्र बनाने के लिए शिविर का आयोजन करें। उन्होंने निर्देश दिए कि 6 माह से 6 वर्ष के बच्चों को पुनः परीक्षण करने के लिए एक विशेष टीम बनाई जावे जोकि एक माह में परीक्षण करेगी। उन्होंने अजीम प्रेमजी फाउंडेशन को निर्देशित किया कि लक्ष्य बनाकर बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए कार्य करें एवं कार्यकर्ता सहायिकाओं को जागरुक करने के लिए सेमिनार का आयोजन करें। उन्होंने कहा कि पोषण ट्रेकर के माध्यम से लगातार मॉनीटरिंग की जावे। अपार आईडी बनाने के लिए अविभावकों को आमंत्रित कर जानकारी प्रदान करें एवं अपार आईडी बनवावें। उन्होंने निर्देशित किया कि गर्भवती एवं धात्री माताओं के लिए पोषण युक्त आहार उपलब्ध कराएं। कुपोषित एवं अतिकुपोषित बच्चों को चिन्हांकित कर पोषण पुनर्वास केन्द्र में उपचार हेतु भर्ती कराएं एवं लगातार मॉनीटरिंग करें। निखिल सोधिया/ईएमएस/08/04/2026