मुंबई (ईएमएस)। फिल्म धड़क की रिलीज से ठीक पहले बॉलीवुड एक्ट्रेस जाह्नवी कपूर की मां श्रीदेवी का निधन हो गया था, जिसने उन्हें अंदर तक तोड़ दिया। इस गहरे सदमे और फिल्म के बाद मिली आलोचनाओं ने उन्हें डिप्रेशन की ओर धकेल दिया था। हाल ही में एक पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान जाह्नवी ने अपने दिल की बात खुलकर रखी। उन्होंने बताया कि साल 2018 में ईशान खट्टर के साथ बॉलीवुड में डेब्यू करना उनके लिए भावनात्मक रूप से बेहद भारी था। एक तरफ मां को खोने का दुख था, तो दूसरी ओर बाहर से मिल रही नकारात्मक प्रतिक्रियाएं, जिसने उन्हें मानसिक रूप से कमजोर कर दिया। जाह्नवी ने कहा कि भले ही आज लोग ‘धड़क’ को सफल फिल्म मानते हैं, लेकिन उनके लिए उस दौर की यादें काफी कड़वी हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि फिल्म के बाद वह डिप्रेशन में चली गई थीं और उन्हें लगने लगा था कि लोग उनसे नफरत करते हैं। उनके मन में यह डर बैठ गया था कि उनका करियर शुरू होने से पहले ही खत्म हो जाएगा। एक्ट्रेस ने यह भी बताया कि उन्हें हमेशा अपनी मां से हौसला और सराहना मिलती थी। मां के जाने के बाद उन्होंने वही उम्मीद दर्शकों से लगा ली, जो पूरी नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि वह चाहती थीं कि लोग उन्हें तुरंत स्वीकार कर लें, लेकिन ऐसा संभव नहीं था। उनका ध्यान सिर्फ नकारात्मक बातों पर केंद्रित हो गया था, जिसके कारण वह फिल्म की सफलता को भी महसूस नहीं कर पाईं। जाह्नवी ने आगे कहा कि उस समय ‘धड़क’ बॉक्स ऑफिस पर बड़ी हिट साबित हुई थी, लेकिन उन्हें इसका अहसास तक नहीं हुआ। उन्हें लगातार यही लगता रहा कि वह एक खराब कलाकार हैं और लोग उन्हें पसंद नहीं करते। यही नकारात्मक सोच धीरे-धीरे उनकी हकीकत बन गई थी। गौरतलब है कि शशांक खेतान के निर्देशन में बनी ‘धड़क’ मराठी फिल्म सैराट की आधिकारिक रीमेक थी, जिसने बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया था। सुदामाईएमएस 09 अप्रैल 2026