वाशिंगटन (ईएमएस)। हाल ही में एक बेहद खतरनाक एंड्रॉइड मालवेयर ‘नो वॉइस’ सामने आया है, जिसने करीब 23 लाख स्मार्टफोन को प्रभावित किया है। यह मालवेयर मुख्य रूप से पुराने और बजट स्मार्टफोन को निशाना बना रहा है, जिसमें मई 2021 के बाद कोई सुरक्षा अपडेट नहीं हुआ है। मैकेफी के शोधकर्ताओं के अनुसार, यह मालवेयर सामान्य फैक्ट्री रीसेट के बाद भी फोन से हटता नहीं है, जिससे उपयोगकर्ताओं के लिए गंभीर खतरा पैदा हो गया है। ‘नो वॉइस’ 50 से अधिक एप में छिपा पाया गया था, जैसे सिस्टम क्लीनर, गेम्स और फोटो गैलरी, जो शुरुआत में निर्दोष लगते हैं। उपयोगकर्ता इन्हें बिना किसी संदेह के इंस्टॉल कर लेते हैं। इंस्टॉल होने के बाद, यह एंड्रॉइड की पुरानी कमजोरियों का फायदा उठाकर फोन में रूट एक्सेस हासिल कर लेता है, जिससे यह डिवाइस पर लगभग पूर्ण नियंत्रण प्राप्त कर लेता है। रूट एक्सेस मिलने के बाद, ‘नो वॉइस’ कई खतरनाक गतिविधियां करता है। यह वित्तीयद एप से संवेदनशील डेटा, जैसे यूजरनेम और पासवर्ड चुरा सकता है, जिससे आर्थिक सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। इसके अलावा यह निजी तस्वीरों को देखकर डिलीट कर सकता है और जरूरी एप को भी हटाकर फोन की कार्यक्षमता को प्रभावित कर सकता है। इसकी सबसे बड़ी समस्या इसकी अत्यधिक चिपचिपी प्रकृति है, जो इसे सिस्टम के गहरे हिस्सों में छिपने में सक्षम बनाती है। केवल फोन का पूरा फर्मवेयर दोबारा इंस्टॉल करने से इसे पूरी तरह हटाया जा सकता है। वैश्विक स्तर पर इसका प्रभाव अफ्रीकी देशों में अधिक देखा गया है, लेकिन भारत, अमेरिका और यूरोप में भी कई उपयोगकर्ता इससे प्रभावित हुए हैं। हालांकि, जिन स्मार्टफोन को मई 2021 के बाद नियमित सुरक्षा पैच और अपडेट मिल रहे हैं, वे इस मालवेयर से सुरक्षित हैं। गूगल ने प्रभावित ऐप्स को प्ले स्टोर से हटा दिया है, जिससे नए इंस्टॉलेशन का जोखिम कम हो गया है। सुरक्षा के लिए उपयोगकर्ताओं को केवल विश्वसनीय स्रोतों से ऐप डाउनलोड करना चाहिए, नियमित अपडेट करना चाहिए और संदिग्ध ऐप्स से बचना चाहिए। साथ ही, फोन में किसी भी असामान्य गतिविधि या प्रदर्शन में बदलाव पर तुरंत विशेषज्ञ की मदद लेनी चाहिए। यह सचेत रहना ही ‘नो वॉइस’ जैसे खतरनाक मालवेयर से बचने का सबसे प्रभावी तरीका है। आशीष/ईएमएस 09 अप्रैल 2026