इन्दौर (ईएमएस) अपर सत्र न्यायाधीश आशीष टांकले की कोर्ट ने मृतक गोविंद प्रजापति के मृत्यु पूर्व कथन, अन्य साक्ष्यों तथा तथ्यों के आधार पर उसके ससुर मुन्नालाल पिता गिरधारी प्रजापत उम्र साठ वर्ष निवासी चंद्रावतीगंज को उसकी हत्या का दोषी करार देते आजीवन कारावास की सजा सुना अर्थदंड से भी दंडित किया। प्रकरण में अभियोजन पैरवी एडीपीओ नरेंद्र कुमार सांगते ने की। प्रकरण कहानी संक्षेप में इस प्रकार है कि वर्ष 2016 में गोविंद प्रजापत की शादी आरोपी मुन्ना लाल की बेटी बुलबुल से हुई थी उनका एक तीन साल का बेटा भी है। 9 जनवरी 2020 को गोविंद अपनी पत्नी को लेने उसके मायके चंद्रावतीगंज के ग्राम बलगारा गया था। वहां दोपहर लगभग 2 बजे के करीब पत्नी को ले जाने की बात पर ससुर मुन्नालाल से उसका विवाद हुआ इस दौरान मुन्ना लाल घर के अंदर गया और पेट्रोल से भरी प्लास्टिक की केन ला गोविंद पर पेट्रोल छिड़क माचिस की तीली जलाकर उस पर फेंक दी, जिससे वह बुरी तरह झुलस गया और जली हालत में दौड़ते हुए समीप के तालाब में कूदा और आग बुझाई। ग्रामीण उसे वहां से निकाल एमवाय अस्पताल ले गए जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मामले में वहां उसके मृत्यु पूर्व कथन हुए थे जिसमें उसने आरोपी ससुर द्वारा पेट्रोल डालकर जलाने के कथन दिए। पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर आरोपी ससुर मुन्नालाल को गिरफ्तार कर विवेचना उपरांत प्रकरण चालान कोर्ट में पेश किया जहां सुनवाई दौरान अभियोजन तर्क एवं तथ्यों के आधार पर कोर्ट में आरोपी को दोषी करार देते उक्त निर्णय दिया। आनंद पुरोहित/ 09 अप्रैल 2026