व्यापार
09-Apr-2026


- स्ट्रेट आफ होर्मुज वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग 20 फीसदी मार्ग नई ‎दिल्ली (ईएमएस)। सीजफायर के बाद राहत की उम्मीद कर रहे तेल बाजार को नए झटके का सामना करना पड़ा है। एक दिन की गिरावट के बाद ब्रेंट और डब्ल्यूटीआई क्रूड की कीमतों में तेज उछाल आया है। यह अनिश्चितता मुख्य रूप से पश्चिम एशिया में होर्मुज स्ट्रेट के संचालन को लेकर बनी रही। ब्रेंट क्रूड लगभग 2.86 फीसदी बढ़कर 97.46 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। वहीं डब्ल्यूटीआई क्रूड 3.56 फीसदी चढ़कर 97.77 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है। पिछले कारोबारी सत्र में दोनों बेंचमार्क 100 डॉलर के नीचे फिसल गए थे, जिसमें डब्ल्यूटीआई ने अप्रैल 2020 के बाद सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की थी। स्ट्रेट आफ होर्मुज वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग 20 फीसदी मार्ग है। ईराक, सऊदी अरब, कुवैत और कतर जैसी प्रमुख तेल उत्पादक देशों के निर्यात इसी मार्ग से होते हैं। इसलिए इस मार्ग में किसी भी बाधा से पूरी दुनिया में तेल की कीमतें प्रभावित हो सकती हैं। सीजफायर की घोषणा के बावजूद बुधवार को इस स्ट्रेट से केवल 4 जहाज गुजर पाए। ईरान ने कहा कि वह रोजाना केवल 12 जहाजों को ही गुजरने देगा और टोल वसूलेगा, जबकि डोनाल्ड ट्रम्प ने इसे टोल फ्री करने का दावा किया। इस भिन्न रुख से बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है। विशेषज्ञ मानते हैं कि हाल का तनाव अब तक के सबसे बड़े तेल संकटों में से एक बन सकता है। पहले यह तनाव कच्चे तेल की कीमत 120 डॉलर प्रति बैरल तक ले गया था, जो 2022 के बाद का उच्चतम स्तर था। शिपिंग कंपनियां स्पष्टता मिलने तक आवाजाही सामान्य नहीं करेंगी, जिससे वैश्विक सप्लाई पर दबाव बना हुआ है। सतीश मोरे/09अप्रेल ---