09-Apr-2026
...


- कांग्रेस जवाब दे वो देश भक्तों के साथ है या देश द्रोहियों के- महापौर इन्दौर (ईएमएस) किसी भी पंथ या धार्मिक मान्यता से बड़ा देश होता है। देश के लिए मान, सम्मान और स्वाभिमान बढ़ाने वाले गीत-संगीत या उनके स्मारकों का सम्मान करना हम सभी नागरिकों की जिम्मेदारी है। राष्ट्रगीत गाना या न गाना किसी की व्यक्तिगत इच्छा हो सकती है, लेकिन उसका अपमान करने का अधिकार किसी को नहीं है। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने यह बात वंदे मातरम गीत को ना गाने और उसका अपमान करने के बाद उपजे विवाद के बाद कहीं उन्होंने कहा कि इस संदर्भ में जो जानकारी मिल रही है कि कांग्रेस के नेता चिंटू चौकसे और वरिष्ठ नेता के.के. मिश्रा ने इस विषय पर बयान दिया है, तो कांग्रेस पार्टी को इस पर उन्हें नोटिस जारी करना चाहिए। महापौर का कहना है कि मेरा मानना है कांग्रेस कार्यालय में भी वंदे मातरम् गाया जाता होगा तो क्या वहां ये लोग नहीं गाते? इस पर भी विचार होना चाहिए। सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न यह है कि कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी का इस मुद्दे पर क्या रुख है। साथ ही, चिंटू चौकसे और के.के. मिश्रा द्वारा कही गई बातों पर दिग्विजय सिंह क्या सोचते हैं, यह भी स्पष्ट रूप से सामने आना चाहिए। यह भी स्पष्टता से आना चाहिए कि कांग्रेस देशभक्तों के साथ है या देशद्रोहियों के साथ है। बता दें कि कल इन्दौर नगर निगम के बजट पर आयोजित बहस बैठक के दौरान कांग्रेस पार्षद फौजिया शेख और रूबीना खान ने वंदेमातरम के गायन को लेकर जो बातें कही उस पर यह विवाद शुरू हो गया है। और इस विवाद की शुरुआत बैठक के दौरान फोजिया शेख द्वारा वंदे मातरम गाने से इंकार करते इसके लिए नियम हवाले के साथ संवैधानिक उद्धरण देने से हुई थी। आनंद पुरोहित/ 09 अप्रैल 2026