राज्य
09-Apr-2026


जोधपुर, (ईएमएस)। राजस्थान हाई कोर्ट की जोधपुर मुख्यपीठ ने एक महत्वपूर्ण फैसले में डीएसपी समेत चार पुलिसकर्मियों के खिलाफ सीधे एफआईआर दर्ज करने के आदेश को रद्द कर दिया है। जस्टिस फरजंद अली की एकल पीठ ने कहा कि लोक सेवकों के खिलाफ बिना प्रारंभिक जांच और सुनवाई के एफआईआर का आदेश देना कानून के विपरीत है। अदालत ने स्पष्ट किया कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 223 के तहत किसी भी सरकारी अधिकारी पर कार्रवाई से पहले दो अनिवार्य प्रक्रियाएं पूरी करना जरूरी है। पहली, संबंधित अधिकारी को अपना पक्ष रखने का उचित अवसर दिया जाए। दूसरी, उसके वरिष्ठ अधिकारी से तथ्यात्मक रिपोर्ट प्राप्त की जाए। कोर्ट ने कहा कि इन दोनों शर्तों के बिना कोई भी मजिस्ट्रेट सीधे एफआईआर दर्ज करने का निर्देश नहीं दे सकता। यह फैसला लोक सेवकों को दुर्भावनापूर्ण मुकदमों से संरक्षण देने की दिशा में अहम माना जा रहा है। नंदिनी परसाई /9 अप्रैल 2026