- इंदौर ईओडब्ल्यू ने 9 आरोपियो के खिलाफ दर्ज की एफआईआर - दो तत्कालीन महिला अध्यक्ष, सीएमओ, इंजिनियर और लेखापाल की मिलीभगत आई सामने भोपाल(ईएमएस)। पेयजल योजना में अंजड नगर परिषद में करोडो रूपये के घोटाले के मामले में ईओडब्ल्यू इंदौर में दो तत्कालीन महिला अध्यक्ष, सीएमओ, इंजिनियर और लेखापाल और निजी कंपनी के प्रोपराइटर, ठेकेदार सहित नौ लोगो के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। विभाग द्वारा साझा की गई जानकारी के मुताबिक नगर परिषद अंजड, जिला बडवानी में पेयजल योजना के तहत घरेलू नल कनेक्शकन के लिये साल 2016 में शासन से 12,20,08,500 (बारह करोड बीस लाख आठ हजार पांच सौ रूपये) स्वीकृत किये गये थे। नगर परिषद में पेयजल योजना का टेंडर ई-टेण्डर के माध्यम से मेसर्स सोरठिया वेल्जी रत्ना- एण्ड कंपनी को साल 2016 में जारी किया गया था। टेण्डर की शर्तो में पेयजल योजना के अंतर्गत नगर परिषद के 2700 घरो में घर-घर जल वितरण का लक्ष्य तय किया गया था। यह काम टेण्डर लेने वाली कंपनी को 18 माह की अवधि में पूर्ण करना था, और तय समय-सीमा में काम पूरा ना होने की स्थिति में बिल की राशि की 10 प्रतिशत रकम की कटौती किये जाने का प्रावधान था। पेयजल योजना का काम वर्तमान स्थिति में आधा-अधूरा है, और कंपनी द्वारा काम पूरा किये जाने का कोई प्रमाण-पत्र प्रस्तुत नहीं किया गया है। इसके बाद भी नगर परिषद अंजड के तत्कातलीन अध्यक्षो, सीएमओ, इंजिनियर और लेखापाल सहित अन्य ने काम पूरा नहीं होने के बाद भी बिना कटोती किये कंपनी को पूर रकम का भुगतान कर दिया। जॉच में सामने आया की काम के दौरान माप पुस्तिका एवं कैशबुक में कार्य का विवरण तथा संबंधित अधिकारी एवं ठेकेदार आदि के हस्ताक्षर नहीं हैं, और इसमें गलत प्रविष्टियां की गई हैं। - इनकी सांठगांठ आई सामने जॉच में पता चला की नगर परिषद अंजड की तत्कालीन अध्यक्षगण मंजुला राकेश पाटीदार और पुष्पाद परमार, तत्कालीन सीएमओ सुरेन्द्री सिंह परमार, अमरदास सैनानी एवं मायाराम सोलंकी, तत्का्लीन इंजिनियर दिनेश पटेल एवं तत्कातलीन लेखापाल हुकुमचंद मालवीय के द्वारा टेण्डर कंपनी की प्रोपराईटर सोरठिया वेल्जी रत्ना एण्ड कंपनी के प्रोपराईटर परेश सोरठिया एवं ठेकेदार मिनेष मकवाना के साथ मिलकर बिना काम पूरा किये बिना और टेण्डर के बाद अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन करते हुए 10,20,46,254 (दस करोड, बीस लाख, छियालिस हजार, दो सौ चौवन रूपये) का भुगतान कर जहॉ अपने शासकीय दायित्वों का निर्वहन नहीं किया वहीं पद का दुरूपयोग करते हुए शासन को करोडो रूपये की क्षति पहुचांई है। जॉच के आधार पर ईओडब्ल्यू ने सभी आरोपियो के खिलाफ धारा 420, 467, 468, 471, 409, 120बी और भ्रष्टापचार निवारण अधिनियम का मामला दर्ज कर आगे की कार्यवाही शुरु कर दी है। जुनेद / 9 अप्रैल