राष्ट्रीय
09-Apr-2026
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-टीएमसी ने की जांच की मांग, कबीर ने आरोप किए खारिज कोलकाता,(ईएमएस)। पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) के चेयरमैन हुमायूं कबीर का एक कथित वीडियो वायरल होने से राजनीतिक माहौल गरमा गया है। करीब 19 मिनट लंबे इस वीडियो में कबीर को कथित रूप से भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के साथ 1000 करोड़ रुपये की डील पर चर्चा करते हुए दिखाया जा रहा है। हालांकि इस वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। वीडियो में दावा किया गया है कि हुमायूं कबीर राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को सत्ता से हटाने के लिए रणनीति बना रहे हैं। साथ ही यह भी कहा गया है कि यदि उनकी पार्टी 60-70 सीटें जीतती है, तो उन्हें उपमुख्यमंत्री बनाया जा सकता है। वीडियो में प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) और अन्य वरिष्ठ नेताओं से संपर्क का भी जिक्र किया गया है। इस मामले को लेकर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी नेता कुणाल घोष ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया कि हुमायूं कबीर के संबंध विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी, मोहन यादव और हेमंत बिस्वा सरमा से जुड़े हैं। उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से मामले की जांच की मांग करते हुए सवाल उठाया कि एजेंसी अब तक चुप क्यों है। टीएमसी ने बीजेपी पर “बी टीम” और “सी टीम” के जरिए मतदाताओं को भ्रमित करने का आरोप भी लगाया। वहीं, हुमायूं कबीर ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा कि वायरल वीडियो पूरी तरह फर्जी है और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद से तैयार किया गया है। कबीर ने स्पष्ट किया कि उनका न तो मोहन यादव और न ही हेमंत बिस्वा सरमा से कोई संपर्क रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि वीडियो जारी करने वालों के खिलाफ वे जल्द ही कानूनी कार्रवाई करेंगे। गौरतलब है कि एजेयूपी इस बार राज्य की 294 विधानसभा सीटों में से 118 पर चुनाव लड़ रही है और उसका गठबंधन असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम के साथ है। राज्य में 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में मतदान होना है, जबकि मतगणना 4 मई को होगी। हिदायत/ईएमएस 09अप्रैल26