राष्ट्रीय
09-Apr-2026
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उमर ने कहा अमेरिका को इजराइल को रोकना चाहिए जम्मू,(ईएमएस)। जम्मू-कश्मीर की राजनीति में अंतरराष्ट्रीय मुद्दों को लेकर नई बहस छिड़ गई है, जिसमें पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती और वर्तमान सीएम उमर अबदुल्ला के बयान चर्चा का केंद्र में हैं। ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच हालिया तनाव और संघर्षविराम को लेकर दोनों नेताओं ने अलग-अलग बयान दिए हैं। जहां उमर ने कहा कि मौजूदा संघर्ष की असली कुंजी अब भी अमेरिका के हाथ में है। उनका मानना है कि यदि अमेरिका अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर इजराइल को नियंत्रित नहीं करता, तब संघर्षविराम लंबे समय तक टिक नहीं पाएगा। उन्होंने कहा कि यह टकराव ईरान पर थोपा गया है और इसका भविष्य इस बात पर निर्भर करेगा कि वैश्विक शक्तियां स्थिति को कैसे संभालती हैं। उमर ने लेबनान और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव पर चिंता जताकर चेतावनी दी कि हालात बिगड़ने पर संघर्ष और भड़क सकता है। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बदलते बयानों की भी आलोचना की, यह कहते हुए कि इस तरह की अस्थिर भाषा वैश्विक स्तर पर भ्रम और अस्थिरता पैदा करती है। साथ ही उन्होंने भारत-इजराइल संबंधों पर इशारा कर कहा कि इससे भारत की निष्पक्ष मध्यस्थ की भूमिका सीमित हो सकती है। वहीं दूसरी ओर, महबूबा मुफ्ती ने संघर्षविराम को राहत भरा कदम बताया, लेकिन उनके बयान विवाद का कारण बन गए। उन्होंने दावा किया कि ईरान ने संघर्ष के दौरान आम नागरिकों को निशाना नहीं बनाया, जबकि अमेरिका पर नागरिक ठिकानों पर हमले करने का आरोप लगाया। उन्होंने ईरान की सराहना करते हुए कहा कि उसने दबाव के बावजूद मजबूती दिखाई। सबसे अधिक चर्चा उनके उस बयान पर हो रही है, जिसमें उन्होंने पाकिस्तान की भूमिका की तारीफ की। महबूबा के अनुसार, पाकिस्तान ने संघर्ष को विश्व युद्ध में बदलने से रोकने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम पर दिए गए इन बयानों ने कश्मीर की राजनीति में नई बहस को जन्म दे दिया है, जहां वैश्विक संबंधों और भारत की कूटनीतिक भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। आशीष दुबे / 09 अप्रैल 2026