इन्दौर (ईएमएस) स्थानीय पोलो ग्राउंड स्थित मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के कार्यालय का कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने घेराव कर, हल्ला बोल पोल खोल आंदोलन करते मुख्यमंत्री एवं ऊर्जा मंत्री के नाम ज्ञापन विद्युत कंपनी के मुख्य अधिकारी को सौंपा। इस दौरान हाथों में बैनर पोस्टर लिए कांग्रेस कार्यकर्ता भाजपा सरकार हाय हाय, विद्युत मंडल हाय हाय, बिजली के बिल कम करो भ्रष्टाचार बंद करो, आदि के नारे लगा रहे थे और उन्होंने स्मार्ट मीटर को लूट का मीटर बताया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा दिए ज्ञापन में कहा गया कि कांग्रेस इस ओर प्रदेश बीजेपी सरकार का ध्यान आकर्षित करती है की महंगाई से जनता की आर्थिक कमर टुट रही है। प्रदेश और निगम ने पहले ही टैक्स में बढ़ोतरी कर रखी है और लोगों को गैस की टंकी में दिक्कतें आ रही है खान-पान की एवं घरेलू सभी सामग्री महंगी हो गई है वही कंपनियों के घाटे का हवाला देकर बिजली बिलों में वृद्धि की अनुमति देते है आयोग ने स्मार्ट मीटर लगाने पर जो खर्च हो रहा है उसकी राशि भी 513 करोड़ रुपए उपभोक्ताओं से धीरे धीरे किस्तों में वसूलने की अनुमति दे डाली है। स्मार्ट मीटर मामूली सी खपत को भी दर्ज कर लेते हैं और बिजली के बिल पहले से ही ज्यादा आ रहे हैं वही बिजली के दामों में बढ़ोतरी का सीधा असर आम जनता और किसानों छोटे बड़े व्यापारी उद्योगों पर पड़ रहा है। ज्ञापन में कहा गया कि स्मार्ट मीटर लगाना ऐच्छिक है अनिवार्य नहीं, तो फिर विधुत कंपनी आमजनता पर इसे अनिवार्य क्यों कर रही हैं इसे ऐच्छिक किया जाए ताकि आमजनता को राहत मिले। ज्ञापन में रिटायरमेट हो चुके अधिकारियों का मुद्दा उठाया और कहा कि उनको ही दुबारा सेवा में क्यों लिया जा रहा हैं ऐसे में युवाओं को कैसे रोजगार प्राप्त होगा। आनंद पुरोहित/ 09 अप्रैल 2026