राज्य
09-Apr-2026
...


:: विशेष पड़ताल : रसूखदार संस्थानों पर ताले, पर क्या उन चेहरों पर कार्रवाई होगी जिन्होंने कागजों पर बांटी फायर एनओसी? :: इंदौर (ईएमएस)। शहर में अग्नि सुरक्षा मानकों के साथ खिलवाड़ करने वाले रसूखदार संस्थानों पर गुरुवार को प्रशासन और नगर निगम का कड़ा चाबुक चला। कलेक्टर शिवम वर्मा और निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल के निर्देश पर चली इस फायर स्ट्राइक ने व्यावसायिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया। गीता भवन स्थित तुलसी टॉवर में जब निगम की टीम जांच करने पहुँची तो वहां स्थापित फायर नेटवर्क पूरी तरह दिखावा निकला। मानकों का घोर उल्लंघन पाए जाने पर निगम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए टॉवर के 13 शोरूम, रूफटॉप रेस्टोरेंट और टर्फ क्षेत्र को सील कर दिया। भंवरकुआं क्षेत्र में भी कार्रवाई की तपिश महसूस की गई, जहाँ मारुति सुजुकी एरिना, नेक्सा शोरूम और हजारों छात्रों की मौजूदगी वाली विनर्स कोचिंग क्लास पर ताले जड़ दिए गए। छात्रों की सुरक्षा को ताक पर रखने के कारण क्षेत्र की लाइब्रेरी और सुकून सिग्नेचर होटल को भी कुर्क किया गया है। प्रशासन की इस सघन कार्रवाई ने उन संस्थानों के वैभव की पोल खोल दी है, जो सुरक्षा के नाम पर केवल कागजों पर आलीशान दिख रहे थे। बिचौली हप्सी के आलीशान होटल मेगनेट से लेकर मल्हारगंज के अमृत भोग कैफे और जवाहर मार्ग की होटल वर्ल्ड तक, प्रशासन ने कहीं भी रियायत नहीं दी। :: एनओसी देने वाले अफसरों पर मेहरबानी क्यों? सीलिंग की इस बड़ी कार्रवाई ने अब उन अधिकारियों को भी कठघरे में खड़ा कर दिया है, जिन्होंने मानकों के घोर अभाव के बावजूद इन संस्थानों को फायर एनओसी जारी कर दी थी। शहर में अब यह सवाल तेजी से उठ रहा है कि जब धरातल पर अग्नि सुरक्षा उपकरण पूरी तरह फेल थे, तो जिम्मेदार अफसरों ने किस आधार पर इन संस्थानों को क्लीन चिट दी। नागरिकों और विशेषज्ञों का मानना है कि केवल संस्थानों के शटर गिराना समस्या का स्थायी समाधान नहीं है। :: भ्रष्ट तंत्र को बेनकाब करना जरूरी :: अब असली प्रहार उस भ्रष्ट व्यवस्था पर होना चाहिए जिसने सुरक्षा के साथ सौदा किया। उन चेहरों को बेनकाब कर दंडित करना अनिवार्य है जिन्होंने एयरकंडीशंड कमरों में बैठकर सुरक्षा के फर्जी सर्टिफिकेट बांटे और लोगों की जान जोखिम में डाली। जब तक एनओसी जारी करने वाले प्राधिकारियों की जवाबदेही तय नहीं होगी, तब तक शहर को अग्नि हादसों से सुरक्षित नहीं बनाया जा सकेगा। कार्रवाई के दौरान एसडीएम घनश्याम धनगर, अजय भूषण शुक्ल, भवन अधिकारी सत्येंद्र राजपूत, गीतेश तिवारी और विनोद मिश्रा सहित भारी अमला मौजूद रहा। कलेक्टर ने स्पष्ट संदेश दिया है कि नोटिस और चेतावनी का दौर अब बीत चुका है और अब सीधे धरातल पर एक्शन होगा। प्रकाश/09 अप्रैल 2026