बाल विवाह कराने, सहयोग देने वाले व्यक्ति, व्यक्तियों, संस्था, संगठन को दो वर्ष तक कारावास एवं एक लाख रूपए का जुर्माना या दोनों का प्रावधान भोपाल(ईएमएस)। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि बाल विवाह एक गंभीर सामाजिक बुराई है। समाज में इस कुप्रथा का स्वरूप बहुत ही भयावह है। सामान्य रूप से प्रचलित वैवाहिक कार्यक्रमों के साथ-साथ शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में 20 अप्रैल को अक्षय तृतीया के अवसर पर अन्य वैवाहिक कार्यकम भी आरंभ हो जाएंगे। किसी भी स्थिति में बाल विवाह होने की आशंका न हो यह प्रशासन के द्वारा सामुदायिक सहयोग से ही संभव हैं। कलेक्टर श्री सिंह ने बताया कि भोपाल जिले में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजनांतर्गत बाल विवाह रोकथाम के लिए लाडो अभियान नाम से विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके लिए बाल विवाह रोकथाम अधिनियम 2006, की धारा 9, 10, 11, एवं 13 बाल विवाह कराने, सहयोग देने वाले व्यक्ति, व्यक्तियों, संस्था, संगठन के लिये दो वर्ष तक कारावास अथवा एक लाख रूपए का जुर्माना या दोनों का प्रावधान हैं। समस्त वैवाहिक कार्यक्रमों के साथ-साथ सामूहिक विवाह कराने वाले आयोजकों से अनुरोध है कि वे अपने आयोजनों में बाल विवाह नहीं करेंगें एवं इस आशय का शपथ पत्र कलेक्टर कार्यालय एवं महिला एवं बाल विकास जिला कार्यालय भोपाल के समक्ष प्रस्तुत करेंगें। इसी प्रकार प्रेस, हलवाई, कैटर्स, धर्मगुरू, समाज के मुखियां, बैंड वाले, घोड़ी वाले, ट्रासपोर्ट आदि से भी अनुरोध किया जाता है कि आयु संबंधी प्रमाण-पत्र प्राप्त कर परीक्षण उपरांत ही अपनी सेवाएँ प्रदान करें, अन्यथा वे भी बाल विवाह के सहयोगी माने जाऐंगें। प्रिटिंग प्रेस विवाह पत्रिका मुद्रित करने वालों से अपील है कि वे विवाह पत्रिका में स्पष्ट उल्लेख करें कि वर-वधू बालिग है। यदि आपके क्षेत्रांतर्गत बाल विवाह होता है तो इसके लिए कंट्रोल रूम महिला एवं बाल विकास मोबाइल नम्बर-8696389007, सहायक संचालक महिला एवं बाल विकास परियोजना बरखेड़ी, महिला एवं बाल विकास परियोजना जे.पी. नगर, महिला एवं बाल विकास परियोजना चाँदबड़, महिला एवं बाल विकास परियोजना मोतियॉ पार्क, महिला एवं बाल विकास परियोजना कोलार, महिला एवं बाल विकास परियोजना बाणगंगा, महिला एवं बाल विकास परियोजना फंदा मोबाइल, महिला एवं बाल विकास परियोजना बैरसिया-1, महिला एवं बाल विकास परियोजना बैरसिया-2, महिला एवं बाल विकास, जिला कार्यालय, पुलिस हेल्प लाईन नंबर 112, चाईल्ड हेल्प लाईन नंबर-1098, महिला हेल्प लाईन नंबर-181 पर बाल विवाह से संबंधित सूचना दे सकते हैं। हरि प्रसाद पाल / 09अप्रैल, 2026