09-Apr-2026


भैरव सेना संगठन लम्बे समय से कर रहा था पंचगव्य आचमन की मांग देहरादून (ईएमएस)। उत्तराखंड के प्रमुख क्षेत्रीय धार्मिक एवं सामाजिक संगठन भैरव सेना संगठन के तत्वावधान में देवभूमि की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक मर्यादा की रक्षा के लिए छेड़ा गया अभियान अब सफलता की ओर अग्रसर है। संगठन द्वारा लंबे समय से की जा रही पंचगव्य आचमन की मांग पर शासन-प्रशासन ने गंभीर संज्ञान लिया है। संगठन के अध्यक्ष संदीप खत्री ने बताया कि उत्तराखंड के तीर्थों में पंचगव्य आचमन की मांग को मिली सैद्धांतिक स्वीकृति मिल गई है। उन्होंने बताया कि भैरव सेना संगठन के निरंतर दबाव और तर्कों के फलस्वरूप, शासन की महत्वपूर्ण समितियों ने अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले पवित्र स्थलों पर गैर-हिंदुओं के प्रवेश को प्रतिबंधित करने हेतु अपनी सैद्धांतिक स्वीकृति दे दी है। इस निर्णय के अंतर्गत, तीर्थों की शुचिता बनाए रखने के लिए आगंतुकों का पंचगव्य के माध्यम से आध्यात्मिक-धार्मिक शुद्धिकरण अनिवार्य करने की घोषणा की गई है। उन्होंने बताया कि इस अभियान और संबंधित कार्यक्रम का शुभारंभ टिहरी राज परिवार के ठाकुर भवानी प्रताप सिंह ने मुख्य अतिथि के रूप में किया है। जिन्होंने देवभूमि की परंपराओं के संरक्षण पर बल दिया। कार्यक्रम में भाजपा चकशाहनगर पार्षद राकेश पंडित, स्वामी दर्शन भारती, मनोज ध्यानी जैसे प्रमुख समाजसेवियों एवं धर्मप्रेमियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर इस मुहिम को अपना पूर्ण समर्थन दिया। इस अवसर पर अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे। शैलेन्द्र नेगी/ईएमएस/09 अप्रैल 2026