राज्य
09-Apr-2026


:: सत्र 2026-27 से 68 महाविद्यालयों में फिनटेक और एआई की पढ़ाई, 2000 छात्रों का लक्ष्य :: इंदौर (ईएमएस)। मध्यप्रदेश के उच्च शिक्षा क्षेत्र में तकनीकी कौशल को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने एक बड़ी पहल की है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में प्रदेश के 68 शासकीय महाविद्यालयों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और फिनटेक विथ एआई के ऑनलाइन सर्टिफिकेट कोर्स शुरू किए जा रहे हैं। यह महत्वाकांक्षी परियोजना देश के प्रतिष्ठित संस्थान भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली के सहयोग से संचालित की जाएगी। उच्च शिक्षा मंत्री इन्दर सिंह परमार के नेतृत्व में लिए गए इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य परंपरागत विषयों (कला, विज्ञान और वाणिज्य) की पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों को बाजार की आधुनिक जरूरतों के अनुरूप तैयार करना है। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा तैयार की गई कार्ययोजना के अनुसार, यह पाठ्यक्रम नवीन शैक्षणिक सत्र 2026-27 से प्रभावी होंगे। इससे न केवल विद्यार्थियों के तकनीकी ज्ञान में वृद्धि होगी, बल्कि वे फिनटेक जैसे उभरते क्षेत्रों में रोजगार के बेहतर अवसर भी प्राप्त कर सकेंगे। :: 55 एक्सीलेंस व 13 स्वायत्त कॉलेजों का चयन :: विभाग ने इस विशेष पाठ्यक्रम के लिए प्रदेश के 55 प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस तथा 13 स्वायत्त महाविद्यालयों का चयन किया है। इन संस्थानों में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ किया जा रहा है ताकि ऑनलाइन शिक्षण में कोई बाधा न आए। सरकार ने इस वर्ष प्रशिक्षण का लक्ष्य भी दोगुना कर दिया है। अब 1000 के स्थान पर 2000 विद्यार्थियों को एआई के गूढ़ रहस्यों से अवगत कराया जाएगा। :: तैयारी पूर्ण, सत्र का इंतजार :: अपर मुख्य सचिव (उच्च शिक्षा) अनुपम राजन ने बताया कि महाविद्यालयों में परंपरागत शिक्षा के साथ रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पाठ्यक्रम संचालन को लेकर सभी तकनीकी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। आईआईटी दिल्ली के विशेषज्ञों द्वारा तैयार यह पाठ्यक्रम प्रदेश के युवाओं को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने में मील का पत्थर साबित होगा। प्रकाश/09 अप्रैल 2026