राज्य
09-Apr-2026
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:: मारुति शोरूम, विनर्स कोचिंग और होटल मेगनेट सहित कई संस्थानों पर लटके ताले, जांच अभियान से मचा हड़कंप :: इंदौर (ईएमएस)। इंदौर जिला प्रशासन ने आज अग्नि सुरक्षा को लेकर शहर के व्यावसायिक गलियारों में वह हड़कंप मचाया, जिसकी कल्पना शायद लापरवाह संचालकों ने नहीं की थी। कलेक्टर शिवम वर्मा के एक इशारे पर सड़कों पर उतरे प्रशासनिक अमले ने चेतावनी की समय-सीमा खत्म होते ही सीलिंग का चाबुक चला दिया। जूनी इंदौर, मल्हारगंज और बिचौली हप्सी के कई नामी शोरूम, कोचिंग सेंटर और होटलों को अपनी लापरवाही की कीमत तालाबंदी से चुकानी पड़ी। जूनी इंदौर में एसडीएम घनश्याम धनगर की टीम ने जब दस्तक दी, तो हकीकत चौंकाने वाली थी। यहाँ भंवरकुआं स्थित मारुति सुजुकी एरिना और नेक्सा शोरूम जैसे बड़े ऑटोमोबाइल ब्रांड्स सुरक्षा के मोर्चे पर फिसड्डी मिले। प्रशासन ने हजारों सपनों को उड़ान देने वाली विनर्स कोचिंग क्लास और भोलाराम उस्ताद मार्ग की लाइब्रेरी को भी छात्रों की सुरक्षा को ताक पर रखने के कारण तुरंत सील कर दिया। इसके अलावा रेमंड शोरूम, सुकून सिग्नेचर होटल और इंडस्ट्री हाउस स्थित महिदपुर वाला फर्नीचर भी प्रशासन की सख्त कार्रवाई की जद में आए। :: कागजों पर आलीशान वैभव, धरातल पर मौत का जाल :: मल्हारगंज अनुभाग में कार्रवाई की तपिश स्कीम-54 तक पहुंची जहाँ अमृत भोग कैफे बेसमेंट के स्टोर रूम में नियमों के विरुद्ध संचालित होता पाया गया। यहाँ आग बुझाने के पुख्ता इंतजाम न होने के कारण इसे तुरंत बंद कराया गया। इसी तरह जवाहर मार्ग स्थित होटल वर्ल्ड और नवल सेक्टर की टूल्स प्राइवेट लिमिटेड पर भी फायर सिस्टम के अभाव में ताले जड़ दिए गए। बिचौली हप्सी के ग्राम उमरीखेड़ा में स्थित आलीशान होटल मेगनेट में भव्यता तो भरपूर थी लेकिन आग से लड़ने के इंतजाम नदारद मिले जिसे एसडीएम अजय भूषण शुक्ल ने मौके पर ही सील कर दिया। :: चेतावनी का समय खत्म : अब सीधा एक्शन और नो कॉम्प्रोमाइज :: कलेक्टर शिवम वर्मा ने स्पष्ट कर दिया है कि नागरिकों की जान के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी संस्थान को रियायत नहीं दी जाएगी। प्रशासन के अनुसार नोटिस देने और सुधार के लिए पर्याप्त समय देने का दौर अब समाप्त हो चुका है और अब केवल धरातल पर एक्शन होगा। आने वाले दिनों में यह अभियान शहर के अन्य हिस्सों में भी इसी तीव्रता के साथ जारी रहेगा ताकि हर सार्वजनिक और व्यावसायिक स्थल को अग्नि हादसों से सुरक्षित बनाया जा सके। :: अफसरों की फौज और प्रशासनिक दबिश से व्यावसायिक गलियारों में हड़कंप :: इस सघन जांच अभियान में राजस्व विभाग के साथ पुलिस और नगर निगम की संयुक्त टीम ने मोर्चा संभाला। कार्रवाई के दौरान तहसीलदार राकेश सस्तिया, नारायण नांदेडा, अपर तहसीलदार कमलेया कुशवाह, नायब तहसीलदार धीरेश सोनी, ओंकार मनाने और देवेन्द्र कछवाहा सक्रिय रहे। वहीं नगर निगम की ओर से प्रभारी फायर ऑफ‍िसर विनोद मिश्रा, भवन अधिकारी सत्येंद्र राजपूत, सुश्री टीना सिसौदिया, गितेश तिवारी और आनंद रैदास सहित पुलिस विभाग के अधिकारियों ने मानकों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों को पूर्णतः सील कर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की। प्रकाश/09 अप्रैल 2026