10-Apr-2026
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- अपात्र कर्मचारियों को राशि देने का आरोप जबलपुर, (ईएमएस)। नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज में आयुष्मान भारत योजना के तहत वितरित की जाने वाली प्रोत्साहन राशि को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। मध्य प्रदेश लघु वेतन कर्मचारी संघ ने कॉलेज प्रबंधन पर गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। संघ ने डीन नवनीत सक्सेना को ज्ञापन सौंपते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। संघ के पदाधिकारियों का आरोप है कि आयुष्मान योजना की राशि ऐसे व्यक्तियों और आउटसोर्स कर्मचारियों को दी गई है, जिनका मरीजों के उपचार या अस्पताल की प्रत्यक्ष सेवा से कोई सीधा संबंध नहीं है। बताया जा रहा है कि हॉस्टल और अन्य असंबंधित विभागों में कार्यरत कुछ कर्मचारियों के खातों में भी भुगतान किया गया है। इसे लेकर कर्मचारियों में भारी नाराजगी है। वहीं दूसरी ओर, अस्पताल के वार्डों में 24 घंटे मरीजों की सेवा में लगे चतुर्थ श्रेणी के शासकीय कर्मचारी इस लाभ से वंचित रह गए हैं। संघ का कहना है कि जो कर्मचारी सीधे मरीजों की देखभाल करते हैं, उन्हें ही प्रोत्साहन राशि मिलनी चाहिए थी, लेकिन नियमों को दरकिनार कर अपात्र लोगों को भुगतान किया गया। कर्मचारी संघ ने इसे शासन के निर्देशों का उल्लंघन बताते हुए भ्रष्टाचार की श्रेणी में रखा है। उनका आरोप है कि यह पूरी प्रक्रिया कुछ खास लोगों और निजी कंपनियों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। संघ ने मांग की है कि अपात्र व्यक्तियों को किए गए भुगतान पर तत्काल रोक लगाई जाए और पात्र कर्मचारियों को उनका अधिकार दिया जाए। इसके साथ ही मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की भी मांग उठाई गई है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने जल्द कार्रवाई नहीं की, तो मेडिकल कॉलेज परिसर में उग्र प्रदर्शन और कार्य बहिष्कार किया जाएगा। ऐसी स्थिति में अस्पताल की व्यवस्थाएं प्रभावित हो सकती हैं, जिसकी जिम्मेदारी प्रबंधन की होगी। अब देखना यह है कि कॉलेज प्रशासन इन आरोपों पर क्या जवाब देता है और क्या शासन स्तर पर इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई की जाती है। इस अवसर पर जिला स्वास्थ्य समिति अध्यक्ष रविन्द्र राय, ओमप्रकाश पनगरहा, राजू मेहतो, मोहित वर्मा, सुनील पाठक, कृष्णकुमार पांडे, सुरेश, अनिल, विकास डेहरिया, अभिजीत पूनम, दीपिका मयंक आजाद, ममता, आरती सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे| सुनील साहू / शहबाज / 10 अप्रैल 2026