राष्ट्रीय
10-Apr-2026
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- शरीर और जूतों में छिपाकर लाया जा रहा था सोना मुंबई, (ईएमएस)। मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने अंतरराष्ट्रीय सोना तस्करी के रैकेट का पर्दाफाश किया है। डीआरआई ने इस कार्रवाई में करीब 29.37 किलोग्राम सोना जब्त किया, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 37.73 करोड़ रुपये बताई जा रही है। डीआरआई अधिकारियों के मुताबिक, जब्त किए गए सोने में 25.10 किलो सोने की बिस्किटें और 4.27 किलो सोने के आभूषण शामिल हैं। इस मामले में कुल 26 केन्याई नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है। जानकारी के अनुसार डीआरआई को गुप्त सूचना मिली थी कि केन्या से आने वाली एक फ्लाइट के जरिए 26 लोगों का एक समूह बड़े पैमाने पर सोने की तस्करी करने वाला है। सूचना के आधार पर डीआरआई की टीम ने एयरपोर्ट के टर्मिनल-2 पर निगरानी शुरू कर दी थी। जैसे ही फ्लाइट मुंबई पहुंची, संदिग्ध यात्रियों को अलग कर उनकी तलाशी ली जाने लगी। पूछताछ में 25 यात्रियों ने अपनी पहचान बताई, जबकि 26वां व्यक्ति फर्जी पासपोर्ट इस्तेमाल करने के आरोप में पहले ही हिरासत में लिया जा चुका था। सभी 25 यात्रियों ने अपने पास किसी भी तरह का प्रतिबंधित सामान होने से इनकार किया। लेकिन तलाशी के दौरान दो लोगों के जूतों में छिपाकर रखे गए सोने के बिस्कुट बरामद हुए। इस दरम्यान आरोपियों ने तलाशी का विरोध किया और हंगामा करने लगे, जिसके बाद सुरक्षा बल (सीआरएसएफ) की मदद से उन्हें काबू में लिया गया। जांच के दौरान खुलासा हुआ कि तस्करों ने सोना शरीर पर, कपड़ों में और जूतों के अंदर छिपाकर रखा था। डीआरआई की कार्रवाई के दौरान कुछ आरोपियों ने सोना निकालकर बैगेज बेल्ट के पास फेंकने की कोशिश भी की। अधिकारियों को कई जगह काले टेप में लिपटे सोने के पैकेट बरामद हुए। वहीं गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से एक के पास फर्जी पासपोर्ट भी पाया गया है, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है। डीआरआई ने बताया कि आरोपियों के पास सोने से संबंधित कोई वैध दस्तावेज या रसीद नहीं थी और उन्होंने कस्टम विभाग में इसका कोई डिक्लेरेशन भी नहीं किया था। इस तरह करीब 13.20 करोड़ रुपये की कस्टम ड्यूटी चोरी की गई। प्रारंभिक जांच में इस पूरे मामले में एक बड़े अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट के शामिल होने की आशंका जताई जा रही है। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह सोना कहां से आया, किसने दिया और इसे भारत में किसे सौंपा जाना था। डीआरआई की इस बड़ी कार्रवाई को हाल के समय में सोना तस्करी के खिलाफ सबसे अहम सफलता माना जा रहा है। संजय/संतोष झा-१० अप्रैल/२०२६/ईएमएस