राष्ट्रीय
10-Apr-2026


एनसीएसटी की जांच रिपोर्ट के बाद मामले ने नया मोड़ आया इंदौर,(ईएमएस)। महाकुंभ से चर्चा में आई मध्य प्रदेश की ‘वायरल गर्ल’ मोनालिसा एक बड़े कानूनी विवाद में फंस गई हैं। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (एनसीएसटी) की जांच रिपोर्ट के बाद मामले ने नया मोड़ आया गया है। एनसीएसटी की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि मोनालिसा शादी के समय नाबालिग थीं। इसके आधार पर उनके पति फरमान के खिलाफ पॉक्सो एक्ट सहित कई गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस अब उनकी गिरफ्तारी की संभावना पर जांच आगे बढ़ा रही है। जानकारी के अनुसार, यह विवाह 11 मार्च 2026 को केरल में हुआ था। इसके बाद अधिवक्ता प्रथम दुबे ने 17 मार्च 2026 को राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी। आयोग द्वारा गठित जांच दल ने केरल से लेकर मध्य प्रदेश के महेश्वर तक कई दस्तावेजों की जांच की। जांच में सामने आए तथ्यों ने पूरे मामले को गंभीर बना दिया। इस पूरे मामले में सबसे अहम खुलासा महेश्वर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के रिकॉर्ड से हुआ, जिसमें मोनालिसा की जन्मतिथि 30 दिसंबर 2009 दर्ज हुई है। इस रिकॉर्ड के आधार पर विवाह के समय उनकी उम्र करीब 16 वर्ष की रही है। इसके अलावा केरल में विवाह पंजीयन के दौरान प्रस्तुत किए गए जन्म प्रमाण पत्र में अलग जन्मतिथि दर्ज होने की बात सामने आ रही है, जिससे दस्तावेजों की सत्यता पर सवाल खड़े हो गए हैं। जांच टीम ने इन दस्तावेजों को निरस्त करने की सिफारिश भी की है। एनसीएसटी आयोग की सिफारिश के बाद महेश्वर पुलिस ने अपहरण और अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। इंदौर रेंज के आईजी अनुराग ने भी एफआईआर दर्ज होने की पुष्टि कर कहा है कि मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है। इस पूरे प्रकरण ने अब राजनीतिक और सामाजिक बहस को भी जन्म दे दिया है। विवाह के आयोजन और इससे जुड़े कुछ संगठनों व व्यक्तियों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं, हालांकि अभी तक इन आरोपों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित पक्षों की ओर से भी इस मामले में स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। फिलहाल पुलिस और जांच एजेंसियां पूरे मामले की तह तक जाने में जुटी हैं। आशीष दुबे / 10 अप्रैल 2026