176 प्लॉट नियमों के खिलाफ जाकर किए आवंटित, जांच के बाद की कार्रवाई अशोकनगर (ईएमएस) । जिले की नवीन कृषि उपज मंडी में हुए 18 करोड़ रुपये के भूखंड आवंटन घोटाले के मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। वर्तमान मंडी सचिव भागीरथ प्रसाद अहिरवार और पूर्व सचिव मनोज शर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। जांच में खुलासा हुआ कि मंडी में कुल 176 भूखंडों का अनियमित आवंटन किया गया था। इस फर्जीवाड़े से शासन को लगभग 18 करोड़ रुपये का वित्तीय नुकसान हुआ है, जिसमें करीब 15 करोड़ रुपये भूखंडों के और 3 करोड़ रुपये अन्य आवंटनों से संबंधित हैं। जांच में सामने आया कि यह घोटाला वर्ष 2020 से 2025 के बीच पदस्थ रहे तीन प्रभारी अधिकारियों एसडीएम रवि मालवीय, सुरेश ज्याधव और अनिल बनवारिया के कार्यकाल में हुआ। नियमों के अनुसार, भूखंड आवंटन के लिए व्यापारी का कम से कम पांच वर्ष तक मंडी में सक्रिय होना अनिवार्य था। हालांकि, अधिकारियों ने मिलीभगत कर 60 ऐसे नए व्यापारियों को भूखंड आवंटित कर दिए, जिनका मंडी में अनुभव एक वर्ष से भी कम था। चौंकाने वाली बात यह है कि इन 60 आवंटितियों में से 26 लोगों ने अपने भूखंडों को फर्जी तरीके से अन्य व्यक्तियों को हस्तांतरित कर दिया। इस पूरे फर्जीवाड़े को तत्कालीन और वर्तमान मंडी सचिवों के साथ-साथ ग्वालियर के उपसंचालक की कथित मौन सहमति से अंजाम दिया गया। इस मामले की शिकायत भाजपा के सहकारिता नेता राजीव जाट ने मंडी बोर्ड भोपाल के प्रबंध निदेशक (एमडी) आर. पुरुषोत्तम और कलेक्टर से की थी। शिकायत मिलने के बाद एमडी ने तीन सदस्यीय जांच दल का गठन किया। जांच रिपोर्ट आने के बाद की कार्रवाई जांच दल द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट में यह स्पष्ट रूप से सामने आया कि ये सभी अनियमित आवंटन दोनों निलंबित सचिवों और तीनों प्रभारी अधिकारियों के कार्यकाल के दौरान हुए थे। रिपोर्ट के निष्कर्षों के आधार पर मंडी बोर्ड ने सख्त कार्रवाई करते हुए संबंधित अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक, इस मामले में अन्य जिम्मेदार अधिकारियों और भूखंडों के लाभार्थियों पर भी कार्रवाई की जा सकती है। प्रशासन द्वारा जल्द ही इस संबंध में और बड़े निर्णय लिए जाने की संभावना है। ईएमएस / दिनांक 10/4/026