क्षेत्रीय
10-Apr-2026
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रायपुर (ईएमएस)। छत्तीसगढ़ के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की भारी कमी को लेकर सांसद और वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में करीब 1700 डॉक्टरों के पद खाली हैं, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। अटल नगर नवा रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय मेमोरियल हेल्थ साइंसेज एवं आयुष विश्वविद्यालय में आयोजित ऑल इंडिया हेल्थ साइंसेज वाइस चांसलर मीट 2026 में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की मौजूदगी में अग्रवाल ने इस विषय को प्रमुखता से उठाया। श्री अग्रवाल ने कहा कि केंद्र सरकार की पहल पर देशभर में मेडिकल कॉलेज और एम्स खोले जा रहे हैं, लेकिन सबसे बड़ी चुनौती डॉक्टरों की उपलब्धता है। उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार पढ़ाई पर पूरा खर्च करती है, फिर भी डॉक्टर सरकारी सेवा में क्यों नहीं आ रहे। उन्होंने विशेष रूप से ग्रामीण इलाकों की स्थिति को गंभीर बताते हुए कहा कि वहां डॉक्टरों की भारी कमी है। जब ग्रामीणों को डॉक्टर ही नहीं मिलते, तो मेडिकल कॉलेज खोलने का औचित्य क्या है। डॉक्टरों को सरकारी सेवा में बनाए रखने के लिए अग्रवाल ने नए वेतन ढांचे (सैलरी स्लैब) का सुझाव दिया। उनका मानना है कि बेहतर वेतन और सुविधाएं मिलने पर डॉक्टर सरकारी अस्पतालों में काम करने के लिए प्रोत्साहित होंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस राष्ट्रीय सम्मेलन से ठोस सिफारिशें निकलेंगी, जो केंद्र और राज्य सरकार को बेहतर स्वास्थ्य नीति बनाने में मदद करेंगी। श्री अग्रवाल ने कहा कि यदि इस दिशा में प्रभावी कदम उठाए गए, तो प्रदेश और देश की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। सत्यप्रकाश/चंद्राकर/10 अप्रैल 2026