प्राचीन पांडुलिपियों के संरक्षण व डिजिटलीकरण को मिलेगी गति बालाघाट (ईएमएस). भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा संचालित ज्ञान भारतम मिशन के अंतर्गत बालाघाट जिले में प्राचीन हस्तलिखित पांडुलिपियों के सर्वेक्षण, दस्तावेजीकरण, डिजिटलीकरण एवं प्रचार-प्रसार कार्य को गति देने के लिए अपर कलेक्टर डीपी बर्मन को जिला स्तरीय नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। यह पहल प्रदेश में उपलब्ध प्राचीन पांडुलिपियों के संरक्षण और उन्हें डिजिटल स्वरूप में सुरक्षित रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इस संबंध में अपर मुख्य सचिव, मध्यप्रदेश शासन, गृह, संस्कृति एवं धार्मिक न्यास तथा धर्मस्व विभाग, भोपाल द्वारा संबंधित विभागों एवं नोडल अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। जिसमें कहा गया है कि प्रदेश में उपलब्ध प्राचीन हस्तलिखित पांडुलिपियां भारतीय संस्कृति, इतिहास और ज्ञान परंपरा की अमूल्य धरोहर हैं। इनके संरक्षण, सूचीकरण और डिजिटलीकरण से न केवल हमारी सांस्कृतिक विरासत सुरक्षित रहेगी, बल्कि भावी पीढयि़ों को भी इसका लाभ मिलेगा। ज्ञान भारतम मिशन के तहत पांडुलिपियों के सर्वेक्षण, दस्तावेजीकरण और डिजिटलीकरण कार्य के व्यापक प्रचार-प्रसार पर विशेष जोर दिया गया है। इसके लिए जिला स्तरीय नोडल अधिकारी डीपी बर्मन को स्थानीय स्तर पर समन्वय स्थापित कर अभियान को प्रभावी रूप से संचालित करने, जनजागरूकता बढ़ाने तथा पुस्तकालयों, मंदिरों, शैक्षणिक संस्थानों और निजी संग्रहकर्ताओं से संपर्क स्थापित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। शासन ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान केवल सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि देश की प्राचीन ज्ञान परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। भानेश साकुरे / 10 अप्रैल 2026