बालाघाट (ईएमएस). जल जीवन मिशन के अंतर्गत लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग बालाघाट द्वारा जनपद पंचायत बालाघाट कार्यालय में फील्ड टेस्ट किट प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। जल गंगा संवर्धन गतिविधि के तहत आयोजित इस प्रशिक्षण में 77 ग्राम पंचायतों के सचिव, सहायक सचिव एवं रोजगार सहायकों सहित कुल 87 प्रतिभागियों ने भाग लिया। कार्यक्रम सीईओ जनपद पंचायत ममता कुलस्ते की उपस्थिति में संपन्न हुआ। प्रशिक्षण के दौरान लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी खंड बालाघाट के केमिस्ट सुरेन्द्र राणा एवं ऋतु भैरम ने प्रतिभागियों को एफटीके किट के माध्यम से जल गुणवत्ता जांच का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की गुणवत्ता की नियमित निगरानी सुनिश्चित करना तथा जलजनित बीमारियों की रोकथाम करना है। अधिकारियों ने बताया कि एफटीके किट के उपयोग से मौके पर ही पानी की शुद्धता की जांच कर आवश्यक कदम उठाए जा सकते हैं। प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को पानी में फ्लोराइड, नाइट्रेट, आयरन, पीएच स्तर और बैक्टीरिया जैसी अशुद्धियों की पहचान करने के तरीके सिखाए गए। साथ ही यह निर्देश भी दिए गए कि प्रत्येक पेयजल स्रोत की वर्ष में कम से कम दो बार रासायनिक एवं जीवाणु संबंधी जांच अनिवार्य रूप से कराई जाए। सीईओ ममता कुलस्ते ने कहा कि ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। उन्होंने सभी पंचायत सचिवों, सहायक सचिवों एवं रोजगार सहायकों को निर्देश दिए कि स्कूलों, आंगनबाडिय़ों और सार्वजनिक नलों के पानी की समय-समय पर जांच सुनिश्चित करें, ताकि जलजनित बीमारियों की रोकथाम हो सके। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के एसडीओ सत्यम पटेल ने कहा कि एफटीके किट गांव स्तर पर जल गुणवत्ता की तत्काल जांच का सरल और प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि सचिव ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों के साथ समन्वय कर जल स्रोतों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करें। प्रशिक्षण के दौरान कुछ सचिवों ने मौके पर ही स्वयं जल परीक्षण कर अपनी समझ का प्रदर्शन किया। इस अवसर पर विकासखंड समन्वयक रानी सिंह राजपूत, पीएमयू समन्वयक हरीश झा, शीतल मिश्रा सहित विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। भानेश साकुरे / 10 अप्रैल 2026