- ग्रामीणों ने सात दिनों का दिया अल्टीमेटम कोरबा (ईएमएस) सार्वजनिक क्षेत्र के वृहद उपक्रम कोल् इंडिया की अनुसांगिक कंपनी एसईसीएल बिलासपुर के अधीन कोरबा-पश्चिम क्षेत्र में स्थापित एवं संचालित खुले मुहाने की गेवरा कोयला परियोजना अंतर्गत एसईसीएल की मेगा परियोजना अंतर्गत आने वाले ग्राम अमगांव के रोहिदास मोहल्ला के परिवारों ने प्रबंधन पर गंभीर भेदभाव और हठधर्मिता का आरोप लगाते हुए उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। पिछले 3 वर्षों से लंबित मुआवजे और पुनर्वास की मांग को लेकर ग्रामीणों ने मुख्य महाप्रबंधक गेवरा के नाम ज्ञापन सौंपकर सात दिनों का अल्टीमेटम दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि उनकी भूमि और संपत्तियों का अर्जन वर्ष 2004 में ही किया जा चुका है। वर्ष 2023 में मूल्यांकन और नापी की प्रक्रिया पूरी कर पावती भी दी जा चुकी है, लेकिन प्रबंधन द्वारा जानबूझकर भुगतान रोका गया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि मोहल्ले के अन्य प्रभावशाली व्यक्तियों को मुआवजा और बसाहट की सुविधा मिल चुकी है, लेकिन रोहिदास समुदाय के परिवारों को इससे वंचित रखा गया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि यह सीधे तौर पर जातिगत आधार पर शोषण का मामला है। उन्होंने बताया कि इससे पहले भी ग्राम पंचायत के 124 परिवारों को भी अपात्र बताकर मुआवजा से वंचित करने का प्रयास किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि एक सप्ताह के भीतर मांगें पूरी नहीं हुईं तो ग्रामीण अपने पैतृक व्यवसाय के प्रतीक स्वरूप मृत मवेशियों के साथ एसईसीएल गेवरा कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन करेंगे। - 11 अप्रैल / मित्तल