राज्य
11-Apr-2026
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पटना, (ईएमएस)। पटना हाईकोर्ट ने बेगूसराय में एक स्कूल वार्डन की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस जांच पर गंभीर सवाल उठाते हुए पुनः जांच (री-इन्वेस्टिगेशन) का आदेश दिया है। कोर्ट ने इस मामले की नई जांच के लिए आईजी स्तर के अधिकारी विकास वैभव की निगरानी में विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित करने को कहा है। यह आदेश न्यायाधीश संदीप कुमार की एकल पीठ ने तेजस्विनी कुमारी द्वारा दायर आपराधिक रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। कोर्ट का यह फैसला हाईकोर्ट की वेबसाइट पर सार्वजनिक किया गया। जानकारी के अनुसार याचिकाकर्ता तेजस्विनी कुमारी के वकीलों आकाश केशव और आकांक्षा मालवीय ने कोर्ट को बताया कि 4 अप्रैल 2021 को उनकी मां रिंकू कुमारी, जो कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय (मुजफ्फरा, बेगूसराय) में वार्डन थीं, स्कूल गई थीं। रिंकू कुमारी को अपने पड़ोसियों से करीब 15 लाख रुपये वापस लेने थे, जो जमीन ट्रांसफर के नाम पर लिए गए थे, लेकिन वादा पूरा नहीं किया गया। उसी दिन स्कूल परिसर में उनका शव फंदे से लटका हुआ मिला। परिजनों का आरोप है कि उन्होंने जिन पड़ोसियों पर हत्या का शक जताया, उनके खिलाफ थाना प्रभारी (एसएचओ) ने केस दर्ज नहीं किया और मामले को आत्महत्या का रूप दे दिया। कोर्ट ने पाया कि स्थानीय पुलिस की जांच में कई गंभीर खामियां थीं, जैसे: पोस्टमार्टम रिपोर्ट को नजरअंदाज करना कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीएर) पर ध्यान न देना पैसों के विवाद को नजरअंदाज करना हाई कोर्ट ने अपने 40 पेज के फैसले में कहा कि निष्पक्ष जांच हर व्यक्ति के मौलिक अधिकार का हिस्सा है और इसे समय बीतने के आधार पर कमजोर नहीं किया जा सकता। बहरहाल अब इस मामले की दोबारा जांच एक नई टीम करेगी, जिससे उम्मीद है कि रिंकू कुमारी की मौत की सच्चाई सामने आ सकेगी और दोषियों पर कार्रवाई हो सकेगी। संतोष झा-११ अप्रैल/२०२६/ईएमएस