अंतर्राष्ट्रीय
11-Apr-2026


इस्लामाबाद,(ईएमएस)। अमेरिकी उप-राष्ट्रपति और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीब जेडी वेंस वरिष्ठ प्रतिनिधिमंडल के साथ इस्लामाबाद पहुंचे हैं। वहां अमेरिकी वायुसेना के बोइंग सी-32ए विमान से इस्लामाबाद पहुंचे हैं, इस बोइंग विमान को पाकिस्तान एयर फोर्स के करीब 5 एफ-16 लड़ाकू विमान एस्कॉर्ट कर रहे थे। उनका विमान नूर खान एयरबेस पर उतरा है। ये वहीं एयरबेस है जिसपर ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने ब्रह्मोस मिसाइल से हमला किया था वेंस के विमान को घेरकर करीब पांच पाकिस्तान एफ-16 लड़ाकू विमान उड़ रहे थे जिससे साफ पता चलता है कि पाकिस्तान जाने को लेकर वेंस कितना डर रहे थे। रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि वेंस सुरक्षा कारणों से पाकिस्तान जाने से डर रहे थे इसीलिए इस्लामाबाद को किले में तब्दील किया गया है। इस्लामाबाद में मौजूद इस प्रतिनिधिमंडल में ट्रंप के दूत स्टीव विटकॉफ और उनके दामाद जेरेड कुशनर भी शामिल हैं। पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र में प्रवेश करते समय इस विमान को पाकिस्तान वायु सेना के जेट विमानों ने सुरक्षा दी गई थी। इस्लामाबाद में वेंस का स्वागत पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर, देश के विदेश मंत्री मोहम्मद इशाक डार और इस्लामाबाद स्थित अमेरिकी दूतावास की चार्ज डी अफेयर्स नैटली बेकर ने किया। बातचीत की प्रक्रिया से सूत्र ने बताया है कि उनके आकलन के अनुसार युद्धविराम को पक्का करने में कुछ दिनों की बातचीत लगेगी। साथ ही पाकिस्तान के अधिकारियों को उम्मीद है कि वे वेंस को कुछ समय तक देश में रूकने के लिए मना सकते हैं ताकि युद्धविराम पर किसी समझौते पर पहुंचा जा सके। खाड़ी क्षेत्र के सीनियर सूत्र के हवाले से अमेरिकी मीडिया ने बताया है कि ईरानियों को अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ पर बहुत कम भरोसा है। विटकॉफ ने ही ईरान के साथ युद्ध से पहले बातचीत की थी और ईरान का कहना है कि विटकॉफ का रवैया काफी खराब था और वे बैठकों के दौरान बार बार हल्ला करते थे। हालांकि फिर भी इस्लामाबाद वार्ता में शामिल होने के लिए विटकॉफ पहुंचे हैं। दूसरी ओर ईरान की सरकारी मीडिया ने बताया कि इस्लामाबाद में ईरान के प्रतिनिधिमंडल में 71 लोग शामिल हैं, जिसमें वार्ताकार, विशेषज्ञ, मीडिया प्रतिनिधि और सुरक्षाकर्मी शामिल हैं। दिलचस्प ये है कि ईरानी प्रतिनिधिमंडल में ज्यादातर पीएचडी, अलग-अलग मामलों के विशेषज्ञ और शिक्षाविद हैं, जबकि अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल में डोनाल्ड ट्रंप उपराष्ट्रपति वेंस के अलावा उनके दामाद और उनके दोस्त शामिल हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि ईरान और अमेरिका के बीच होने वाली वार्ताओं की जटिलता और अत्यधिक संवेदनशीलता को देखकर ईरानी प्रतिनिधिमंडल में न सिर्फ मुख्य वार्ताकार शामिल हैं बल्कि आवश्यक परामर्श के लिए तकनीकी और विशेषज्ञ समितियां भी शामिल हैं। ईरान पूरी तैयारी के साथ आया लग रहा है जबकि ट्रंप के दूत और दामाद बिचौलिये से ज्यादा कुछ नहीं हैं। ये दोनों राष्ट्रपति ट्रंप के पद और रसूख के दम पर निजी सौदे कर रहे हैं, जिसमें पाकिस्तान के साथ क्रिप्टो करेंसी सौदा भी शामिल है। जबकि ईरानी टीम में हर एक मुद्दे के लिए स्पेशल एक्सपर्ट पाकिस्तान पहुंचे हैं। आशीष दुबे / 11 अप्रैल २०२६