राज्य
11-Apr-2026
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उन्नत जांच सेवाओं और शोध से मरीजों को मिल रहा बेहतर उपचार भोपाल(ईएमएस)।एम्स भोपाल अपने चिकित्सा सेवाओं और शोध कार्यों के माध्यम से आम लोगों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार कार्य कर रहा है। इसी क्रम में पैथोलॉजी एवं लैब मेडिसिन विभाग ने 10 अप्रैल 2026 को अपना 14वां स्थापना दिवस मनाया। यह अवसर विभाग की अब तक की यात्रा और उपलब्धियों को साझा करने का रहा। पैथोलॉजी वह महत्वपूर्ण विभाग है जो मरीजों की बीमारी की सही पहचान करने में डॉक्टरों की मदद करता है। सही जांच रिपोर्ट मिलने से इलाज सही दिशा में होता है और मरीज को जल्दी लाभ मिलता है। इस अवसर पर विभाग ने अपने संस्थापक सदस्यों को भी याद किया, जिनके प्रयासों से विभाग की मजबूत नींव रखी गई। यह कार्यक्रम दो दिनों तक चला। पहले दिन डॉ. उषा किनी (प्रोफेसर, पैथोलॉजी, सेंट जॉन्स मेडिकल कॉलेज, बेंगलुरु; एमेरिटस साइंटिस्ट, आईसीएमआर; पूर्व अध्यक्ष, आईएपीएम) ने “द बैटल फॉर थाउजेंड कोलोन्स: सेविंग द स्मॉलेस्ट लाइव्स” विषय पर व्याख्यान दिया। इसके बाद स्नातकोत्तर छात्रों के लिए हिर्शस्प्रंग रोग पर केस आधारित शिक्षण सत्र आयोजित किया गया, जिससे उन्हें व्यावहारिक जानकारी मिली। दूसरे दिन फ्लो साइटोमेट्री पर सीएमई सह कार्यशाला आयोजित की गई, जिसका समन्वय डॉ. गरिमा गोयल ने किया। इस तरह की कार्यशालाएं नई जांच तकनीकों को समझने में मदद करती हैं, जिससे मरीजों को तेज और सटीक जांच सुविधा मिलती है। कार्यक्रम के दौरान डॉ. वैशाली वाल्के (प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष) ने विभाग के एक साल के कामकाज की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विभाग ने मरीजों की सेवा, पढ़ाई और शोध के क्षेत्र में अच्छी प्रगति की है। विभाग की लैब को 88 जांच मानकों के लिए एनएबीएल मान्यता मिलना एक बड़ी उपलब्धि है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि यहां की जांच रिपोर्ट विश्वसनीय और उच्च गुणवत्ता की हैं। कार्यपालक निदेशक एवं सीईओ, प्रो. (डॉ.) माधवानन्द कर ने विभाग की सराहना करते हुए कहा कि आधुनिक तकनीकों जैसे उन्नत जांच और डिजिटल पैथोलॉजी को अपनाने से मरीजों को और बेहतर सुविधा मिल सकेगी। इस कार्यक्रम में प्रो. (डॉ.) रजनीश जोशी (डीन, अकादमिक), प्रो. (डॉ.) विकास गुप्ता (चिकित्सा अधीक्षक), प्रो. (डॉ.) प्रमोद शर्मा (विभागाध्यक्ष, बाल शल्य चिकित्सा), डॉ. नीलकमल कपूर (पूर्व विभागाध्यक्ष, पैथोलॉजी एवं लैब मेडिसिन), डॉ. रीनी मलिक (डीन रिसर्च, चिरायु मेडिकल कॉलेज) सहित कई वरिष्ठ डॉक्टर और विभिन्न विभागों के संकाय सदस्य एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के सफल आयोजन में डॉ. उज्जवल खुराना एवं डॉ. शक्तिकुमार यादव ने प्रस्तुति तैयार करने में सहयोग दिया। डॉ. तान्या और डॉ. हेमलता ने कार्यक्रम की योजना बनाई। डॉ. दीप्ति जोशी ने वक्ता का परिचय दिया और डॉ. अश्विनी टंडन ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. जयकुमार चौरसिया द्वारा किया गया। कार्यक्रम के अंत में विभागाध्यक्ष ने संदेश दिया कि किसी भी विभाग की असली ताकत उसके भवन या मशीनें नहीं होतीं, बल्कि वहां काम करने वाले लोगों का समर्पण, मेहनत और लगन होती है। हरि प्रसाद पाल / 09अप्रैल, 2026