प्रतापगढ़ (ईएमएस)। जिला कारागर में एक बंदी ने खुद को आग लगाकर मौत को गले लगा लिया।घटना के बाद जेल में हड़कंप मच गया। तत्काल जांच के लिए पुलिस-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। डीआईजी जेल ने लापरवाही के आरोप में तीन जेलकर्मियों को निलंबित कर दिया है। डीआईजी जेल प्रदीप गुप्ता ने बताया कि बंदी की मौत की जांच पड़ताल के बाद डिप्टी जेलर ध्रुव नारायण श्रीवास्तव, हेड जेल वार्डर अखिलेश और हेड जेल वार्डर चोन्हर कुमार को निलंबित कर दिया गया है। प्रथम दृष्टया जेल के अंदर सुसाइड होने के इनकी लापरवाही पाई गई है। यह वारदात शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे की है। मिलाई के लिए बैरक से निकला बंदी दीपक उर्फ राहुल जेल के अंदर खेत में पहुंच गया। वहां लकड़ियों और पत्ते के बंडल में आग लगाकर अपने आप को भी आग के हवाले कर लिया। आग में झुलसने से बंदी दीपक की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही एडिशनल एसपी शैलेंद्र लाल और अपर जिलाधिकारी आदित्य भारी पुलिस के साथ जेल मौके पर पहुंचे। कुछ ही देर बाद डीआईजी जेल प्रदीप गुप्ता भी जिला कारागार प्रतापगढ़ पहुंचे। जांच पड़ताल में यह सामने आया है कि बंदी दीपक उर्फ राहुल जेल की खेत की तरफ जाते हुए सीसीटीवी में दिखा है, वह अकेले ही जा रहा है। आशंका है कि दीपक ने खुद ही आग लगाकर अपनी जान दे दी है। हालांकि जेल के अंदर बंदी दीपक ने किन कारणों से सुसाइड किया? यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मृतक दीपक उर्फ राहुल (22) पिछले 6 महीने से जिला कारागर में बंद है। उस पर छेड़खानी और आत्महत्या के लिए प्रेरित करने के संगीन धाराओं में केस चल रहा है। दीपक उन्नाव जिले के रसूलाबाद थाना क्षेत्र में मिर्जापुर गांव का रहने वाला था। जितेन्द्र 11 अप्रैल 2026