- आरक्षित वर्ग संघ ने दी चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी कोरबा (ईएमएस) छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल के आरक्षित वर्ग अधिकारी-कर्मचारी संघ ने छत्तीसगढ़ पावर कंपनियों पर अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के साथ पदोन्नति में भेदभाव किए जाने का गंभीर आरोप लगाया है। संघ ने कहा है कि आरक्षण संबंधी नियमों एवं न्यायालय के निर्देशों की अनदेखी की जा रही है, जिसके विरोध में चरणबद्ध आंदोलन करने का निर्णय लिया गया है। संघ के प्रांतीय महासचिव राजेश बंजारा ने मीडिया से चर्चा में बताया कि पावर कंपनियों द्वारा पदोन्नति की प्रक्रिया में लगातार असंवैधानिक तरीके अपनाए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सुप्रीम कोर्ट और उच्च न्यायालय के आदेशों की गलत व्याख्या कर केवल सामान्य वर्ग को लाभ पहुंचाने की कोशिश की जा रही है, जिससे एससी-एसटी वर्ग के हजारों अधिकारी-कर्मचारी पदोन्नति से वंचित हो रहे हैं। * चरणबद्ध आंदोलन की रूपरेखा संघ द्वारा घोषित आंदोलन कार्यक्रम के अनुसार 13 से 17 अप्रैल तक सभी क्षेत्रीय कार्यालयों में गेट मीटिंग, सामूहिक इस्तीफे के साथ ज्ञापन सौंपना। 20 अप्रैल को एक दिवसीय सामूहिक अवकाश लेकर विरोध प्रदर्शन। 27 अप्रैल को अनिश्चितकालीन सामूहिक अवकाश के साथ व्यापक आंदोलन। प्रमुख मांग अंतर्गत संघ ने कहा है कि पदोन्नति प्रक्रिया को तत्काल स्थगित कर नए नियम लागू किए जाएं। आरक्षण अधिनियम 1994 के तहत भर्ती व पदोन्नति में रोस्टर प्रणाली लागू की जाए। अनुसूचित क्षेत्रों में पदस्थापना संबंधी 2015 के निर्देशों का पालन हो। स्थानांतरण नीति 2018 को प्रभावी रूप से लागू किया जाए। तकनीकी भत्ता सभी तकनीकी कर्मचारियों को दिया जाए। वर्ष 2004 के बाद नियुक्त कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना लागू की जाए। संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण किया जाए। विभागीय जांच की समय-सीमा तय कर एक वर्ष में निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। पदोन्नति समितियों में एससी-एसटी प्रतिनिधित्व अनिवार्य किया जाए। कर्मचारियों को ओवरटाइम, सी-ऑफ, रात्रि भत्ता एवं जोखिम भत्ता का समुचित लाभ दिया जाए। कार्यस्थल पर सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रबंधन की होगी। 12 अप्रैल / मित्तल