क्षेत्रीय
12-Apr-2026
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- सीवीआरयू और अमरकंटक हर्बल के बीच एमओयू, छात्रों को मिलेगा रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण बिलासपुर (ईएमएस)। डॉ. सी. वी. रमन विश्वविद्यालय ने छात्रों के कौशल विकास और रोजगारोन्मुखी शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अमरकंटक हर्बल के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) किया है। इस समझौते के तहत अब विद्यार्थियों को हर्बल और आयुर्वेदिक क्षेत्र में प्रशिक्षण, इंटर्नशिप और प्लेसमेंट के बेहतर अवसर मिलेंगे। कुलपति प्रो. प्रदीप कुमार घोष ने कहा कि यह एमओयू छात्रों के व्यावसायिक कौशल को विकसित करने की दिशा में एक अहम कदम है। विश्वविद्यालय का उद्देश्य है कि छात्रों को पढ़ाई के साथ उद्योग से जोडक़र व्यवहारिक ज्ञान प्रदान किया जाए, जिससे उनके करियर को नई दिशा मिल सके। कार्यक्रम के दौरान कुलसचिव डॉ. अरविंद कुमार तिवारी और समकुलपति डॉ. जयंती चटर्जी की उपस्थिति में समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। अमरकंटक हर्बल की ओर से कंपनी के सीईओ सैयद इमरान अहमद ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। इस सहयोग से छात्रों को न केवल सैद्धांतिक ज्ञान मिलेगा, बल्कि हर्बल और आयुर्वेदिक उत्पादों के निर्माण, गुणवत्ता नियंत्रण और विपणन से जुड़ी व्यावहारिक जानकारी भी प्राप्त होगी। यह पहल छात्रों को उद्योग की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने में मददगार साबित होगी। कुलसचिव डॉ. तिवारी ने कहा कि इस पहल से वन उत्पादों के मूल्य संवर्धन और वन औषधियों के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा, जिससे विशेष रूप से वनांचल के जनजातीय विद्यार्थियों के लिए उद्यमिता के नए अवसर खुलेंगे। वहीं समकुलपति डॉ. चटर्जी ने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा को उद्योग की जरूरतों के अनुसार ढालना बेहद जरूरी है। सीईओ सैयद इमरान अहमद ने बताया कि अमरकंटक हर्बल स्थानीय जड़ी-बूटियों के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए लगातार कार्य कर रहा है। इस साझेदारी के माध्यम से छात्रों को वास्तविक औद्योगिक अनुभव प्रदान किया जाएगा। विश्वविद्यालय प्रबंधन ने विश्वास जताया कि यह पहल युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खोलेगी और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। कार्यक्रम में टीपीओ डॉ. राजीव पीटर्स सहित विश्वविद्यालय के कई प्राध्यापक और अधिकारी उपस्थित रहे। मनोज राज 12 अप्रैल 2026