- शहर व उपनगरों में शोर का कहर जबलपुर, (ईएमएस)। नगर में तेज आवाज करने वाली मॉडिफाइड गाड़ियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। दिन-रात सड़कों पर दौड़ती इन बाइकों की कर्कश आवाज ने आम लोगों का सुकून छीन लिया है। हालात ऐसे हो गए हैं कि लोग अपने ही घरों में शांति से बैठ पाना मुश्किल समझ रहे हैं। विशेष रूप से बुजुर्गों के लिए यह समस्या गंभीर होती जा रही है। अचानक तेज धमाकेदार आवाज से उन्हें घबराहट, चक्कर और कानों में दर्द जैसी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई बुजुर्गों ने बताया कि तेज आवाज सुनकर वे सहम जाते हैं और मानसिक रूप से असहज महसूस करते हैं। जबलपुर शहर के बीच बाजार मालवीय चौक से छोट फुहारा तक, रानीताल से दमोहनाका तक, एमआर 4 रोड विजयनगर के अलावा उपनगरीय क्षेत्र अधारताल और शहर लगे पनागर क्षेत्र में भी मॉडिफाइड साइलेंसर वाहनों में नागरिकों को सुकून छीन लिया| स्थानीय नागरिकों के अनुसार, कुछ युवक अपनी गाड़ियों में अवैध रूप से साइलेंसर बदलकर जानबूझकर तेज आवाज करते हैं और सड़कों पर स्टंट करते नजर आते हैं। जब उन्हें रोकने या समझाने की कोशिश की जाती है, तो वे बहस पर उतर आते हैं और कई बार विवाद की स्थिति बन जाती है। इससे क्षेत्र में असुरक्षा का माहौल भी बन रहा है। वहीं, पढ़ाई कर रहे बच्चों के लिए यह शोर बड़ी समस्या बन गया है। परीक्षा के समय लगातार होने वाला शोर उनकी एकाग्रता को प्रभावित कर रहा है, जिससे पढ़ाई पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। कई लोगों का कहना है कि इन बाइकों की आवाज इतनी तेज होती है कि घरों के अंदर तक कंपन महसूस होता है। रात के समय भी यह समस्या कम नहीं होती। देर रात 1 से 2 बजे के बीच सड़कों पर दौड़ती ये गाड़ियां तेज और कंपनयुक्त आवाज से लोगों की नींद में खलल डाल रही हैं। नगरवासियों का कहना है कि यह केवल शोर का मुद्दा नहीं, बल्कि सामाजिक अनुशासन और कानून व्यवस्था से जुड़ा गंभीर मामला बन चुका है। लोगों ने प्रशासन और पुलिस से मांग की है कि मॉडिफाइड साइलेंसर पर सख्त कार्रवाई की जाए, ऐसे वाहनों पर प्रतिबंध लगाया जाए और नियमित चेकिंग अभियान चलाया जाए। यदि समय रहते इस समस्या पर अंकुश नहीं लगाया गया, तो शहर का शांत वातावरण पूरी तरह प्रभावित हो सकता है। अब जरूरत है कि प्रशासन तुरंत सक्रिय होकर आमजन को राहत दिलाए। सुनील साहू / मोनिका / 12 अप्रैल 2026